बरेली। रोड सेफ्टी के कामों में एक के बाद एक घपले सामने आ रहे हैं। अब एक गड़बड़ी ये भी उजागर हुई है कि सड़कों पर बनाई जा रही सफेद पट्टी की न सिर्फ चौड़ाई कम है बल्कि मैटेरियल घटिया होने की वजह से उसमें शाइनिंग भी नहीं आ रही। चीफ इंजीनियर ने कई सड़कों पर ऐसी घपलेबाजी पकड़ने के बाद धांधली कर रहे ठेकेदारों के काम बंद करा दिए हैं। कार्रवाई से बचने के लिए ठेकेदार ने कुछ जगहों पर दोबारा पेंट करा रहे हैं।
पीडब्ल्यूडी को इस साल सड़क सुरक्षा के कामों के लिए करीब पांच करोड़ रुपये मिले है। इंजीनियरों से लेकर ठेकेदारों तक इस रकम को हजम करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पहले तो निर्माण खंड भवन में करीब 60 लाख के रोड सेफ्टी के काम सिंगल टेंडर पर ही आवंटित कर दिए गए। अब काम कराने में भी घपला हो रहा है। चीफ इंजीनियर राकेश राजवंशी ने बरेली-बीसलपुर पर बन रही सफेद पट्टी में गड़बड़ी पकड़ी है। यहां पट्टी की चौड़ाई कम करके काफी मैटेरियल बचाया जा रहा था। पट्टी में प्रयुक्त पेंट भी सही नहीं था जिससे उसमें चमक काफी कम थी। रेडियम सिग्नल की क्वालिटी भी संतोषजनक नहीं पाई गई। शाहजहांपुर रोड पर भी सफेद पट्टी में इस्तेमाल मैटेरियल अच्छी क्वालिटी का नहीं था। इसकी जांच होने के बाद ठेकेदार ने कुछ काम कराने के बाद इसे अधूरा ही छोड़ दिया था। चीफ इंजीनियर ने ठेकेदारों को कड़ी हिदायत दी है कि रोड सेफ्टी के कामों की जांच के बाद ही पेमेंट होंगे। गुणवत्ताहीन काम मिलने पर ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड कर उन पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
मैंने कई सड़कों पर रोड सुरक्षा के कामों को चेक किया था। इसमें कई जगहों पर काम संतोषजनक न मिलने पर उन्हें बंद करा दिया। ठेकेदारों से कह दिया गया है कि जांच के बाद ही भुगतान होगा। -राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी