बरेली। मतदान में सिर्फ अब एक ही सप्ताह बचा है इसलिए चुनाव प्रचार अपने चरम पर पहुंचने लगा है। प्रत्याशियों के लिए एक तरफ बढ़ती गर्मी में ज्यादा से ज्यादा प्रचार और जनसंपर्क करने की चुनौती बनी हुई है तो दूसरी तरफ खुद अपने कार्यकर्ता जो चुनाव प्रचार के लिए एसी गाड़ियाें की शर्त माने बगैर जाने को तैयार नहीं हैं। हालत यह है कि नेताजी खुद तो पसीना बहाते हुए चुनाव प्रचार कर रहे हैं, लेकिन उनके कार्यकर्ता एसी गाड़ियों में घूम रहे हैं। इससे मार्केट में एसी कारों की मांग भी बढ़ गई है। जिले में एक हजार से ज्यादा गाड़ियां विभिन्न प्रत्याशियों के प्रचार में जुटी हुई है जिनमें ज्यादातर एसी हैं।
जैसे-जैसे तापमान बढ़ रहा है, वैसे-वैसे चुनावी माहौल भी गरमा रहा है। मतदान में एक सप्ताह बचा है लेकिन तापमान रिकार्ड तोड़ता जा रहा है। रविवार को तापमान 39.7 डिग्री तक पहुंचा गया जो पिछले सप्ताह सेे पांच डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग का मानना है कि मतदान तक तापमान 40 पार हो जाएगा। गर्मी और धूप में दौड़ रहे प्रत्याशी और बड़े नेता जनसंपर्क के दौरान पसीने में सराबोर ही नजर आते हैं, लेकिन उनके कार्यकर्ता कूल-कूल दिख रहे हैं।
पार्टी से मिली सुविधा से मौज मस्ती
कुछ खास पार्टियों के छुटभइये नेता इन दिनों खूब मौज में हैं। उन्होंने प्रत्याशियों को सुनहरे ख्वाब दिखाकर उनसे एसी कार हथिया ली है। ये कारें चुनाव प्रचार में दौड़ने के साथ नैनीताल, लखनऊ की भी सैर कर रही हैं। रिश्तेदारी निभाई जा रही है और परिवारों के साथ शादी-ब्याह में भी धाक जमाई जा रही है। एक-दो प्रत्याशियाें ने प्रचार के लिए कारों के साथ कार्यकर्ताओं को पैसा भी दिया है। लिहाजा उनकी पांचों उंगलियां घी में और सिर कड़ाही में है। आंवला क्षेत्र में तो एक प्रत्याशी ने काफी तादाद में लग्जरी गाड़ियां प्रचार में उतार रखी हैं।
नेताजी आफत में, छुटभइये एसी कारों में ले रहे अंगड़ाई
बढ़ती गर्मी में प्रत्याशी और प्रमुख नेता इन दिनों में बड़ी आफत में हैं क्योंकि धूप में उन्होंने जनसंपर्क करना उनकी मजबूरी है। दूसरी ओर उनके छोटे-छोटे नेता लोग खूब मौज में है। ज्यादातर छुटभइये तो रात में कार अपने आवास पर खड़ा करते हैं ताकि आसपास के लोगों पर भी उनका रौबदाब बना रहे।
नेताजी चाहते हैं प्रचार की गाड़ियां मुफ्त में लगवा दो
सभी प्रमुख ट्रैवल एजेंसी के मालिक अपनी कारें चुनाव प्रचार में लगाना चाहते हैं क्योंकि हर दिन उन्होंने मुंहमांगा पेमेंट मिल रहा है। एक नेताजी जी ने ट्रैवल एजेंसी मालिकों से कह दिया उनके पास बजट नहीं है, अगर चुनाव में सहयोेग करना चाहते तो कार अपने खर्च पर लगा दो।
गांव-देहात में बाइकर
कुछ प्रत्याशी बाइक पर भी गांव-देहात में प्रचार करा रहे हैं। इन बाइकर्स को रोज पेट्रोल और दो लोगों का खाना खर्च दिया जाता है। पिछले चुनाव में भाजपा ने बड़ी तादाद में एक ही रंग वाली बाइक कार्यकर्ताओं को दी थीं। चुनाव जीतने के बाद पार्टी ने यह बाइक कार्यकर्ताओं को मुफ्त सौंप दी थीं।