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हे मां दुर्गा! सुबह जिमाईं कन्याएं.. शाम को चबाए मुर्गे

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बरेली। नवरात्र के नौ दिन मीट-मुर्गे के शौकीनों पर काफी भारी पड़ गए। रविवार को नवमी के दिन सुबह इन लोगों ने व्रत खोले और शाम होते-होते नॉनवेज बेचने वाले स्टालों और रेस्त्रां पर टूट पड़े। नौ दिन तक बंदी जैसी हालत में जूझ रहे नॉनवेज कारोबारियों को एकाएक भीड़ बढ़ने से जैसे संजीवनी मिल गई। कहीं तीस तो कहीं पचास फीसदी तक कारोबार उछल गया। जिन लोगों ने रविवार को व्रत का अंतिम दिन मानकर कंट्रोल किया, उन्हें अब बुधवार का इंतजार है।
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नवरात्र में लोग मांस-मछली से दूर रहते हैं, लिहाजा इन दिनों में शहर के अस्सी फीसदी नॉनवेज कारोबारियों को भयंकर मंदी से जूझना पड़ा। मुस्लिम बस्तियों में नाम भर को ग्राहक जरूर आ रहे थे मगर हिंदू आबादी और शहर में प्रमुख स्थानों पर होटलों पर नॉनवेज का कारोबार लगभग शून्य हो गया था। कई घरों में शनिवार तो कुछ में रविवार को कन्या भोज और हवन पूजन के साथ मैया को विदाई दे दी गई। इसके बाद रविवार को शौकीन मांस-मछली पर टूट पड़े। कई लोगों ने मंडी से मांस लाकर घरों में बनवाया तो कई ने होटलों और ढाबों पर दावत उड़ाई। शहर के अधिकांश नॉनवेज होटल शाम से ही गुलजार हो गए।

चमक गया धंधा
नावल्टी चौराहे के शमा रेस्टोरेंट पर खासी भीड़ थी। मालिक शादाब ने बताया कि नौ दिनों से उनकी बिक्री अस्सी फीसदी कम हो गई थी। रविवार को ही इसमें 50 फीसदी इजाफा हो गया। सोमवार को भी सेल ठीक रहने की उम्मीद है। मंगलवार मंदा रहेगा और बुध से धंधा चमक जाएगा।
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बिरयानी खाने उमड़े युवा
ईट पजाया चौराहे के तहसीनी सकलैनी बिरयानी सेंटर पर भी खासी भीड़ थी। मालिक हनीफ ने बताया कि उनके यहां करीब 40 फीसदी ग्राहक हिंदू वर्ग से आते हैं जो कम हो गए थे। आज बड़ी संख्या में ऐसे लोग आए पर कुछ रविवार को भी व्रत मान रहे हैं।

होटल का उठा दिया शटर
शील चौराहे के पास शेरे पंजाब चिकन सेक्शन नौ दिनों से बंद कर दिया गया था। संचालक हरमनजीत सिंह ने बताया कि उनके यहां इस दौरान न ग्राहक आते हैं और न ही कारीगर रहते हैं। रविवार को उन्होंने शटर खोला, आज ग्राहक आए हैं पर उतनी संख्या में नहीं। बुध से काम चकाचक रहने की उम्मीद है।

अंबेडकर जयंती पर बैकडोर से खूब बिकी शराब
नवदुर्गा निपटते ही रविवार को अंबेडकर जयंती पड़ गई। इस लिहाज से शराब की दुकानों को बंद रखने के निर्देश थे। शौकीनों को शराब लेने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। कई दुकानों के शटर तो बंद थे पर आसपास लगे एजेंट थोड़े ज्यादा रेट पर शराब उपलब्ध करा रहे थे। कई लोगों ने इसकी शिकायत फोन पर जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों से भी की। पुलिस आई तो भीड़ छंट गई और बाद में शराब बिक्री फिर शुरू हो गई।
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