बरेली। पिछले साल यूपी बोर्ड की कॉपियों और ओएमआर अवार्ड शीट के फोटो व्हाट्सएप पर वायरल हो गए थे, इससे मूल्यांकन की गोपनीयता तो भंग हुई ही थी साथ ही यह बात भी खुलकर सामने आ गई थी कि मॉडरेशन पॉलिसी के तहत किस तरह फेल छात्रों को नंबर बढ़ाकर पास किया गया। इस पर सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा था। शासन ने इस बार एहतियात बरते हुए मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों के मोेबाइल प्रयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही मूल्यांकन केंद्र पर मोबाइल मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
बरेली में इन दिनों पांच केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य चल रहा है। इन पर फोटोग्राफी प्रतिबंधित है। मूल्यांकन केंद्रों का जब निरीक्षण किया गया तो कई परीक्षकों के पास मोबाइल मिले। कई तो कॉपियां जांचने के साथ फेसबुक और व्हाट्सएप चलाते मिले। पिछले साल बरेली से ही अवार्ड शीट व्हाट्सएप पर वायरल हो गई थीं। जांच के बाद कुछ शिक्षकों को डिबार तक किया गया। इस बार एहतियात बरती जा रही है। प्रभारी डीआईओएस डॉ. अवनीश यादव ने बताया कि शासन के सख्त आदेश हैं। अगर कोई परीक्षक मोबाइल चलाते मिला तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। वहीं कई कॉलेजों ने शिक्षकों को ड्यूटी के लिए कार्यमुक्त नहीं किया है। उनको तत्काल रिलीव करने के आदेश दिए हैं।
सोमवार को भी कम पहुंचे परीक्षक
सोमवार को भी मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षकों की संख्या कम रही। सभी केंद्रों को मिलाकर चार से पांच हजार कापियां जांची जा चुकी। जबकि पंद्रह दिन में छह लाख से ज्यादा कॉपियां जांची जानी है। डॉॅ. अवनीश यादव ने कहा कि अब जो परीक्षक मूल्यांकन में नहीं आएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।