बरेली। जानलेवा हमले के आरोपी दो सगे भाइयों को अदालत ने दस-दस साल कैद की सजा सुनाई है। सजा का आदेश अपर सत्र न्यायाधीश रेशमा चौधरी ने दिया। कैंट थानाक्षेत्र में हुई इस घटना की रिपोर्ट ठिरिया निजावत खां वार्ड नंबर 12 निवासी बाबू खां ने लिखाई थी। इसमें कहा गया था कि 30 जुलाई, 2013 की रात वह परिवार के साथ सो रहे थे। रात एक बजे गांव अकबरिया, थानाक्षेत्र खुदागंज, शाहजहांपुर निवासी कर्रार अली और बबलू उनके घर में घुस आए, जिनसे रंजिश थी। कर्रार ने तमंचे से उनके लड़के फिरासत के पेट में गोली मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बबलू ने बाबू के सिर पर तमंचे की बट से वारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। अभियोजन की ओर से सरकारी वकील संतोष श्रीवास्तव ने छह गवाह पेश किए। कोर्ट ने कर्रार अली और बबलू उर्फ कदीर अली को दोषी ठहराते हुए दस-दस साल कैद की सजा सुनाई। दोनों पर आठ-आठ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना राशि में से दस हजार रुपये फिरासत को देने का आदेश कोर्ट ने दिया।