शीरान के बयान पर निदा का पलटवार, निकाह के वक्त क्यों बताना भूल गए कि बेकार हैं..
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बरेली। खुद को बेकार और बेरोजगार बताकर अदालत से गुजारा भत्ता का आदेश खारिज करने की शीरान रजा की फरियाद पर निदा खान ने करारा किया है। निदा ने कहा कि शीरान के पास अपनी जुबान है। वह उसे जैसे चाहे, वैसे चलाएं। इसीलिए तो वह झूठ पर झूठ बोले जा रहे हैं, लेकिन वह इतना जरूर कहेंगी कि अगर शीरान बेरोजगार थे तो निकाह के वक्त उन्होंने यह बात क्यों छिपाई। तब तो उन्होंने कहा था कि वह हाफिज कुरान हैं और जलसे करते हैं। फिर अब वह बेरोजगार कैसे हो गए।
आला हजरत परिवार के शीरान रजा खां ने अदालत में दी गई अर्जी में कहा था कि अदालत के निदा खान को 12 हजार रुपये माहवार गुजारा भत्ता देने का आदेश जारी करते ही उनके परिवार वालोें ने उन्हें अपनी जायदाद से बेदखल कर दिया है। वह अपनी पढ़ाई के खर्च तक के लिए परेशान हैं। रहने तक का ठिकाना नहीं रह गया है। ऐसे में वह निदा को गुजारा भत्ता देने की स्थिति में ही नहीं रह गए हैं। इस पर पलटवार करते हुए निदा खान ने कहा है कि जबसे उनका शीरान से झगड़ा हुआ है, तबसे वह लगातार झूठ बोले जा रहे हैं। पहले कहा कि दहेज लिया ही नहीं। जब दहेज की लिस्ट दिखाई तो फिर बयान बदल दिया। अब उनके परिवार वाले कह रहे हैं कि लड़का कुछ कमाता नहीं।
निदा ने कहा कि अगर शीरान कुछ कमाते नहीं तो वह घर, गाड़ी और अपना बाकी स्टेटस कैसे मेंटेन किए हुए हैं। वह अपने चच्चा का मदरसा भी चला रहे हैं। दुनिया जानती है कि उनका इतना बड़ा मरकज है। फिर भी बेरोजगार होने का झूठ कोर्ट में बोल रहे हैं। निदा ने कहा कि अगर शीरान बेरोजगार थे तो अब तक उनको 12 हजार रुपये का खर्च कहां से दे रहे थे। निदा खान ने शीरान रजा को चेतावनी दी कि वह अपनी झूठ बोलने की आदत सुधार लें। वह उनसे अपने मुकदमे और एलएलबी की पढ़ाई का खर्च लेकर रहेंगी। झूठ बोलने से काम नहीं चलेगा। कोर्ट में हर चीज के सबूत पेश करने पड़ते हैं। कोर्ट हवाहवाई बातों को नहीं मानता।