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निदा हुनरदार.. मैं ‘बेकार’ कैसे दूं गुजारा भत्ता सरकार

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बरेली। आला हजरत हेल्पिंग सोसाइटी की अध्यक्ष निदा खान और शीरान रजा के बीच गुजारा भत्ते के लिए चल रही अदालती लड़ाई दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गई है। शीरान रजा की ओर से अदालत में दी गई अर्जी में कहा गया है कि अदालत के गुजारा भत्ता का आदेश करते ही उनके घरवालों ने उन्हें जायदाद से बेदखल कर दिया है। अब वह अपनी पढ़ाई के खर्चों तक के लिए परेशान हैं। रहने तक का ठिकाना नहीं रह गया है। वह इस हालत में ही नहीं रह गए हैं कि निदा को गुजारा भत्ता दे पाएं। इसलिए गुजारा भत्ता देने का आदेश खारिज किया जाए।
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शीरान रजा ने अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी प्रथम अजय सिंह की अदालत में दी गई अर्जी में कहा है कि निदा खान के साथ उनका निकाह 18 फरवरी 2015 को बगैर दहेज के हुई थी। पांच फरवरी 2016 को उन्होंने निदा खान की सहमति से ही उन्हें तलाक दिया था और इसके बाद उन्हें 1 लाख 51 हजार 786 रुपये बतौर मेहर की रकम भी अदा कर दी। इद्दत के तीन महीनों के गुजारा खर्च के तौर पर दस हजार रुपये भी दे दिए थे। अर्जी में शीरान ने कहा है कि अदालत ने उन्हें निदा को 12 हजार रुपये महीने का गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था। यह बात जानकारी में आते ही उनके घरवाले काफी नाराज हो गए और अपने घर के अलावा उन्हें अपनी सभी जायदाद से बेदखल कर दिया। वह इस वक्त मदरसा बोर्ड से फाजिल के इम्तिहान की तैयारी कर रहे हैं। उनकी आय का कोई जरिया नहीं है। ऐसी हालत में वह निदा को 12 हजार रुपये गुजारा भत्ते के तौर पर देने की हालत में नहीं हैं।
शीरान ने कहा है कि उन्हें अपनी किताबें खरीदने और पढ़ाई के लिए खुद ही काफी रकम की जरूरत है। इस वक्त उनके खुद रहने तक का ठिकाना नहीं बचा है। मां-बाप ने उनकी मदद से पूरी तरह हाथ खींच लिया है जबकि निदा खान न सिर्फ कंप्यूटर की अच्छी जानकार हैं बल्कि बच्चाें को कंप्यूटर की कोचिंग भी देती हैं। निदा ने ब्यूटीशियन का कोर्स भी कर रखा है। इसके जरिये भी वह हर महीने तीस हजार रुपये से ज्यादा कमा रही हैं। शीरान ने अदालत से गुजारा भत्ता देने के आदेश को खारिज करने की फरियाद की है।
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निदा को जवाब देने का आखिरी मौका
निदा खान की ओर से अदालत में शीरान रजा से गुजारा भत्ता दिलाने के लिए मई 2018 में अर्जी दी गई थी। इस मुकदमे में निदा की ओर से आज तक अपना जवाब दाखिल नहीं किया गया है। अब अदालत ने निदा को अपना जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। 14 फरवरी बृहस्पतिवार इस मुकदमे की तारीख है।
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