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सेतु निगम सीपीएम मामला: नेता जी! चार्ज दूं या रुकूं

Tue, 29 Jan 2019 02:58 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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प्रतीकात्मक चित्र
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बरेली। आईवीआरआई ओवरब्रिज पर सौ टन वजन के बीम के नीचे मानकों की अनदेखी कर लकड़ी के तीन गुटके रख देने के गंभीर मामले में हटाए गए सेतु निगम के मुख्य परियोजना प्रबंधक आरके सिंह ने सोमवार को यहां चार्ज लेने पहुंचे मुरादाबाद के मुख्य परियोजना प्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता को पूरे दिन चक्कर कटवा डाले। बताया जा रहा है कि आरके सिंह को उम्मीद थी कि शुरू से उन्हें बचाने में लगे नेता जी आखिरी टाइम पर पासा पलटने में कामयाब हो जाएंगे और उन्हें यहां से हटाने का आदेश रद्द हो जाएगा। लंबे इंतजार के बाद भी नेताजी का कोई संदेश नहीं आया तो वह देर शाम दिनेश कुमार गुप्ता को चार्ज देकर लखनऊ रवाना हो गए।
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आईवीआरआई ओवरब्रिज के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर सौ टन वजनी बीम को बेहद असुरक्षित ढंग से लकड़ी के तीन गुटकों के सपोर्ट पर रखने का मामला अमर उजाला ने उठाया था। यह मामला शासन तक गूंजा जिसके बाद सेतु निगम के प्रबंध निदेशक ने इस पर उच्चस्तरीय जांच बैठा दी थी। जांच में दोषी पाए जाने के बाद पहली गाज करीब तीन सप्ताह पहले उप परियोजना प्रबंधक नवाब सिंह पर गिरी और उन्हें यहां से हटाकर लखनऊ संबद्ध कर दिया गया।

चूंकि जांच में मुख्य परियोजना प्रबंधक आरके सिंह का दोष भी निर्धारित होना था, लिहाजा उन्होंने कार्रवाई से बचने के लिए एक कद्दावर नेताजी की शरण ले ली। हालांकि नेताजी के दबाव के बाद भी जांच रिपोर्ट आरके सिंह के खिलाफ ही गई और सेतु निगम के एमडी ने उन्हें भी हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। उनकी जगह यहां मुरादाबाद में तैनात सीपीएम दिनेश कुमार गुप्ता को तैनात किया गया।
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एमडी के आदेश पर दिनेश कुमार गुप्ता सोमवार सुबह बरेली पहुंचे। पहले उन्होंने लालफाटक पर चल रहे ओवरब्रिज के निर्माण को देखा। स्टाफ से सर्विस लेन न बन पाने की वजह पूछी। स्टाफ ने पावर कारपोरेशन के पोल और ट्रांसफार्मर शिफ्ट न करने को इसकी वजह बताया। इसके बाद उन्हें आईवीआरआई ओवरब्रिज का काम भी देखना था, मगर करीब चार बज गए तो राजेंद्रनगर में सीपीएम कार्यालय पर पहुंचे।

उनके साथ ही पूर्व सीपीएम आरके सिंह भी वहां आ गए। आरके सिंह ने उन्हें चार्ज देने में घंटों टालमटोल करते रहे। सूत्रों के मुताबिक इस बीच आरके सिंह फोन पर अपने संपर्कों के जरिये लगातार यह पता लगाते रहे कि नेताजी के जरिये उनको लेकर फैसला बदला जा रहा है या नहीं। लेकिन देर शाम तय हो गया कि नेताजी उनकी कोई मदद नहीं कर पाए हैं। इस बीच दिनेश कुमार सिंह ने भी उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत करा दिया। इसके बाद देर शाम आरके सिंह को चार्ज छोड़ना पड़ा और नवागत सीपीएम ने कार्यभार ग्रहण कर लिया।

अफवाह उड़ी कि हंगामा हो रहा है
सेतु निगम के कुछ कर्मचारियों ने चार्ज हैंडओवर करने को लेकर चली कशमकश के बीच यह अफवाह भी उड़ा दी कि मुख्य परियोजना प्रबंधक के कार्यालय पर हंगामा हो रहा है। इससे विभाग में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। मीडिया के लोग भी दफ्तर के चक्कर काटने लगे लेकिन वहां ऐसा कुछ नजर नहीं आया।

यहां पहुंचकर मैंने लालफाटक ब्रिज का काम देखा है। इसके बाद सेतु निगम के कार्यालय पहुंचा था। शाम को आर्डर तैयार होने के बाद चार्ज ले लिया है। - दिनेश कुमार गुप्ता, सीपीएम सेतु निगम
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