बरेली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के डॉक्टरों ने उपभोक्ता संरक्षण विधेयक में बदलाव को काला कानून करार दिया है। शुक्रवार को विरोध स्वरूप उन्होंने काली पट्टी बांधकर इलाज किया और फिर केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार एवं सांसद धर्मेंद्र कश्यप को ज्ञापन सौंपा। शाम को आईएमए में हुई प्रेसवार्ता में अध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिंह ने कहा, जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम को पहले दस लाख तक जुर्माना लगाने अधिकार था, मगर अब इसे एक करोड़ कर दिया गया है। वहीं, राज्य फोरम का अधिकार एक से बढ़ाकर दस करोड़ कर दिया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इससे फोरम का दुरुपयोग शुरू हो जाएगा और फर्जी केस बढ़ेंगे। डॉक्टरों को ब्लैकमेल किया जाने लगेगा। सचिव डॉ. विनोद पागरानी ने कहा, अगर राज्यसभा से विधेयक को मंजूरी मिलती है तो डॉक्टरों को फीस तक बढ़ानी पड़ सकती है। खुद को सुरक्षित करने के लिए डॉक्टर अनावश्यक टेस्ट कराने को भी मजबूर होंगे। वहीं, मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को खत्म करके नेशनल मेडिकल कमीशन में डॉक्टरों की भागीदारी कम करने का भी उनमें विरोध है।