इंप्रूवमेंट परीक्षा में पास होने के बावजूद सैकड़ों छात्रों को एडमिशन नहीं मिल सका। कॉलेजों ने उनके प्रवेश लेने से मना कर दिया और विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी खामोशी अख्तियार कर ली। बरेली और मुरादाबाद मंडल में करीब दो हजार छात्र एडमिशन को भटक रहे हैं। कई ने विश्वविद्यालय में भी शिकायत की, लेकिन एडमिशन तब भी नहीं मिल सका।
विश्वविद्यालय ने पिछले माह इंप्रूवमेंट परीक्षा का रिजल्ट जारी किया। द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों को तो प्रवेश मिल गया, लेकिन स्नातक में जो छात्र पास हुए उनको परास्नातक में प्रवेश नहीं मिल सका। विश्वविद्यालय ने न तो कोई गाइडलाइन जारी की है, राजकीय और अनुदानित कॉलेजों ने भी एडमिशन लेने से हाथ खड़े कर दिए। जबकि कॉलेजों में सीटें अभी रिक्त हैं। कुछ छात्र ऐसे थे जिनके स्नातक में परास्नातक में प्रवेश के लिए जरूरी अंक नहीं आ सके। जैसे एमए में प्रवेश के लिए न्यूनतम 45 फीसदी अंक चाहिए, लेकिन बीए में 44 फीसदी अंक आने से उसे प्रवेश नहीं मिल सका। इंप्रूवमेंट परीक्षा में उसे 50 फीसदी अंक मिले, लेकिन पंजीकरण होने के बावजूद उसे कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल सका। छात्रों का कहना है कि अब परीक्षा फॉर्म भरना शुरू हो गया। अगर उनको प्रवेश नहीं मिला तो उनका पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि एडमिशन शासन ने ही बंद कर रखे हैं। वह कुछ नहीं कर सकते।