कुतुबखाना उपकेंद्र पर नगर विधायक और बिजली कर्मियों से हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जेई संगठन ने तीसरे दिन भी बैठक कर उपकेंद्र पर प्रभारी और अन्य स्टाफ पर हमले की निंदा कर कहा कि अब कटिया लगाकर चोरी करने वाले सूचीबद्ध होंगे। उधर, अभियंता संघ भी आंदोलन में कूद गया है। संघ ने इंजीनियरों पर हमलों पर अंकुश लगाने और सुरक्षा अधिनियम बनाने पर जोर दिया।
जेई संगठन ने तीसरे दिन बैठक कर आरोप लगाया कि अनर्गल ब्यान देने वाले ज्यादातर लोग बिजली चोरी में शामिल हैं, इन लोगों की सूची बनाकर उसे सार्वजनिक किया जाएगा। प्रांतीय अध्यक्ष एसके पांडे ने कहा कि विधायक और स्टाफ के बीच हुए विवाद में जेई निर्दोष है। जेई पर कोई कार्रवाई हुई तो संगठन प्रदेश स्तर पर आंदोलन करेगा। इस दौरान देवेंद्र सिंह, जसीम अख्तर, विकास सिंह, अभय सिंह आरके झा, एके त्रिपाठी, हीरालाल, गुप्ता, अखिलेश यादव, महेंद्र सिह, एके चौरसिया, एमके सिंह, पवन चंद्रा आदि ने भी विचार रखे।
उधर, सोमवार शाम अभियंता संघ ने बैठक कर कुतुबखाना एसडीओ पर लगे आरोपों को नकारते हुए यूपी में इंजीनियर सुरक्षा अधिनियम बनाने की मांग की। विधायक और उनके समर्थकों ने ही स्टाफ से मारपीट की थी, अब निर्दोषों पर कार्रवाई के लिए दबाव बनाया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा एसडीओ पर कार्रवाई बर्दास्त नहीं होगी। अजय शुक्ला, रंजीत चौधरी, आशीष कुमार, मयंक, विजय कनौजिया, नकुल रावत, दीपक नेगी आदि ने विचार रखे।