बैचलर ऑफ एलीमेंटरी एजूकेशन (बीएलएड) की रविवार को आयोजित प्रवेश परीक्षा देने आए अधिकतर अभ्यर्थियों को जब पता चला कि किसी भी राजकीय और अनुदानित कॉलेज में यह कोर्स नहीं है तो वो चौंक पड़े। मेरिट चाहें कितनी भी अच्छी आए उनको प्रवेश तो सेल्फ फाइनेंस कॉलेज में मोटी रकम खर्च करके ही मिलेगा। विवि ने भी स्थिति को भांपते हुए मेरिट के लिए कोई मानक तय नहीं किया है।
विवि से संबद्ध बीस कॉलेजों में बीएलएड कोर्स है और यह सारे सेल्फ फाइनेंस के हैं। एनसीटीई ने तय किया था कि बीएलएड की फीस या तो संबंधित विवि तय करेगा या राज्य सरकार तय करेगी, लेकिन अभी तक बीएलएड की फीस ही तय नहीं हुई है। विवि ने भी अभ्यर्थियों को गुमराह किया। आवेदन फार्म भरवाते वक्त यह स्पष्ट ही नहीं किया कि कौन से कॉलेज हैं और फीस क्या निर्धारित की गई है। राजकीय कॉलेज मिलने की आस में ही 1050 सीटों पर 9327 आवेदन आए और रविवार को हुई इस परीक्षा में महज 15 फीसदी ही अनुपस्थित हुए। सूत्रों की माने तो चार वर्षीय इस कोर्स के लिए कॉलेज मनमानी फीस वसूलने की तैयारी में। परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों का कहना था कि उनको जानकारी नहीं कि यह कोर्स सिर्फ सेल्फ फाइनेंस कॉलेज में ही है। इसमें भी कई कॉलेज ऐसे हैं जिनकी एनसीटीई से मान्यता नहीं है। विवि काउंसलिंग से पहले इन कॉलेजों से मान्यता संबंधी सारे दस्तावेज मांगेगा।
पेपर था आसान
बीएलएड का पेपर काफी आसान था। सामान्य ज्ञान और रिजनिंग संबंधी प्रश्न भी सरल पूछे गए। एटीएम और सीपीयू की फुल फार्म पूछी गई। इसके अलावा ब्रिक्स देश, भारतीय संविधान को कब अपनाया गया, सूर्य पृथ्वी में न्यूनतम दूरी कब होती है, पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है, जैसे सवाल पूछे गए।
परीक्षा के लिए तो मैंने बहुत मेहनत की थी। उम्मीद थी कि अच्छी मेरिट आएगी तो कम फीस पर राजकीय या अनुदानित कॉलेज से यह कोर्स कर सकेंगे। आज पता चला कि सिर्फ सेल्फ फाइनेंस कॉलेज ही मिलेगा। अब तो एडमिशन लें इसपर सोचना पड़ेगा। - राजन कुमार
अबतक तो मुझे यही पता था कि बीएलएड सरकारी डिग्री कॉलेजों में होगा। अच्छी मेरिट से वहां एडमिशन मिल जाएगा पर आज शिक्षकों ने बताया कि यह कोर्स सिर्फ प्राइवेट कॉलेजों में ही अभी है। फीस की जानकारी लेने के बाद ही एडमिशन के बारे में सोचेंगे। -अनामिका गुप्ता
बीएलएड अभी सिर्फ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में ही है। अभी फीस निर्धारित नहीं हुई है। विवि या राज्य सरकार की तरफ से फीस निर्धारित होगी। -डॉ. योगेंद्र प्रसाद, प्रवेश परीक्षा समन्वयक
पांच छात्र बुकलेट लेकर हो गए गायब
बरेली। बीएलएड की परीक्षा 19 केंद्र बनाए गए थे। पदमावती एकेडमी पर छह अभ्यर्थी बुकलेट लेकर चले गए। बाद में उनको खोजा गया। पांच छात्रों से बुकलेट वापस जमा कराई गई। हालांकि एक छात्र फिर भी नहीं मिला। बताया गया कि अभ्यर्थियों को जानकारी नहीं थी कि बुकलेट उन्हें मिलेगी या नहीं। वहीं, बीपीएड की परीक्षा सिर्फ विवि कैंपस में ही हुई। इसमें 12 फीसदी अनुपस्थित रहे। बीएलएड में 150 प्रश्न पूछे गए जिसके लिए 120 मिनट का समय दिया गया था। अभ्यर्थियों ने इस पर रोष प्रकट किया। कहा कि तीन घंटे का समय होना चाहिए था।