जिसमें कोर्ट से वसूली प्रमाण पत्र स्थगन के आदेश अभी तक नहीं हुए हैं। जबकि, किसान एवं जनप्रतिनिधियों में गन्ना मूल्य भुगतान न होने से असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस जमीन को नीलाम कर किसानों को उनका बकाया गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा।
कुर्की की कार्रवाई के दौरान जिला गन्ना अधिकारी दीपक कुमार सैनी, नायब तहसीलदार शोभित चौधरी, विशेष सचिव गन्ना समिति राजीव सेठ, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक संजय राव भी थे।
हाफिजगंज में भी मिल के गोदाम को किया सील
गन्ना भुगतान का बकाया न देने पर तहसीलदार ने ओसवाल चीनी मिल के गोदाम को सील कर वहां नोटिस चस्पा किया है। ओसवाल चीनी मिल पर किसानों का 53 करोड़, गन्ना समिति के पांच करोड़ रुपये और अन्य के 13 करोड़ रुपये बाकी हैं। इसी तरह मिल पर कुल 71 करोड़ रुपये की बकायेदारी है।
अदायगी नहीं होने पर इस चीनी मिल को भी पूर्व में आरसी जारी की गई थी, लेकिन चीनी मिल ने भुगतान नहीं किया है। तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि मिल के गोदाम में करीब 8500 क्विंटल चीनी का स्टॉक मिला। गोदाम पर ताला लगाकर इसे सील किया गया है।