बरेली। अपर सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या छह) तबरेज अहमद ने बलवा, दंगा और जानलेवा हमला करने के आरोपी नवाबगंज थाना क्षेत्र के ईध जागीर निवासी सगे भाई अनीस-नदीम, इमरान-इसरार सहित अलाउद्दीन, निसार अहमद, अबरार, जुल्फिकार, जमालुद्दीन, रहवर, रहीस अहमद को दोषमुक्त करार दिया है। एक अन्य आरोपी सलार बख्श की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी।
गांव के अब्दुल अजीज ने 27 नवंबर 2015 को गांव के ही अनीस, नदीम, इमरान, इसरार, अलाउद्दीन, निसार अहमद, अबरार, जुल्फिकार, जमालुद्दीन, रहवर, रहीस अहमद, सलार बख्श के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस समय प्रधानी का चुनाव चल रहा था। आरोपी पक्ष एक प्रत्याशी के कार्यालय के बाहर कुर्सियां डाले बैठे थे। इससे रास्ता बंद हो गया था। अब्दुल अजीज ने विरोध किया तो सभी ने हमला कर दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। इसमें दंगा, बलवा और कातिलाना हमले की धाराएं बढ़ाई गईं।
आरोप तय करने के बाद कोर्ट ने सुनवाई शुरू की। अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए गए। इनमें पांच गवाह वही थे, जिनको हमले के दौरान घायल होना बताया गया था। सभी सात गवाह कोर्ट में अपने बयानों से मुकर गए। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है।
मौलाना तौकीर की जमानत पर सुनवाई टली
बरेली। शहर में 26 सितंबर को हुए बवाल के आरोपी मौलाना तौकीर रजा की तीन जमानत अर्जियों पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट अब उसकी इन अर्जियों पर मंगलवार को सुनवाई करेगा। पिछले सप्ताह मौलाना को कोर्ट ने एक मामले में जमानत दे दी थी। तीन मामलों में जमानत अर्जी खारिज कर दी थी और तीन मामलों में सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की थी। फिलहाल, मौलाना तैाकीर रजा फतेहगढ़ जेल में बंद है। संवाद