एसओजी, सर्विलांस व पुलिस की टीमें तफ्तीश में जुटीं, दिल्ली में मिली लोकेशन
नवाबगंज (बरेली)। बुधवार शाम कोचिंग से किराये के कमरे पर लौट रही दसवीं की छात्रा लापता हो गई। रात में उसी के मोबाइल फोन से पिता के नंबर पर छात्रा के अपहरण और 15 लाख फिरौती देने पर छोड़ने का संदेश आया तो खलबली मच गई। पुलिस से लेकर एसओजी और सर्विलांस टीम तक छात्रा की तलाश में जुटीं। दिल्ली में लोकेशन मिलने पर टीम वहां के लिए रवाना हो गई है।
पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किसान ने नवाबगंज कस्बे की एक कॉलोनी में किराये का कमरा लेकर कुछ साल परिवार को यहां रखा था। फिर वह परिवार के साथ दोबारा गांव जाकर रहने लगे, लेकिन बेटी की पढ़ाई को ध्यान में रखकर उसे इसी कमरे में रहने के लिए छोड़ दिया। सोलह वर्षीय बेटी यहीं के मिशनरी स्कूल में दसवीं की छात्रा है।
किसान ने बृहस्पतिवार सुबह थाना प्रभारी अरुण श्रीवास्तव को बताया कि बुधवार शाम उनकी बेटी कस्बे के कबाड़खाना रोड की कोचिंग से अपनी सहपाठी के साथ कमरे पर लौट रही थी। तहसील गेट के पास से वह सहपाठी की नजरों से ओझल हो गई। जब देर शाम तक वह कमरे पर नहीं पहुंची तो मकान मालिक ने छात्रा के पिता को जानकारी दी। छात्रा के पिता ने परिजनों के साथ उसकी काफी खोजबीन की, पर उसका कहीं पता नहीं चला।
पिता ने बताया कि उनकी बेटी के मोबाइल नंबर से सहपाठी छात्रा के पास मेसेज आया कि छात्रा के पिता से कहो कि पंद्रह लाख रुपये का इंतजाम रखें। रुपये मिलने के बाद ही उनकी बेटी को छोड़ा जाएगा। बाद में उनके नंबर पर भी इस तरह के मेसेज आने लगे। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पीलीभीत से सांसद केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद और गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार ने बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य से फोन कॉल पर बात की। उन्होंने शीघ्र ही छात्रा को सकुशल तलाश करने के लिए कहा।
हाईवे पुलिस चौकी तक पैदल, फिर ऑटो से गई छात्रा
तहसील चौराहे पर अपनी सहपाठी को छोड़ने के बाद छात्रा सीसी कैमरों में पैदल अपने घर न जाकर सीधे हाईवे की ओर जाती हुई दिख रही है। हाईवे पर रिछौला पुलिस चौकी तक जाने के बाद वह वापस नगर की ओर मुड़ती दिखी है। कुछ चलने के बाद वह एक ऑटो पर बैठ जाती है। इसके बाद उसका पता नहीं चल सका है। पुलिस ने छात्रा की सहपाठी और कोचिंग संचालक के भी बयान दर्ज किए हैं।
छात्रा की डायरी पढ़कर जुटाई जानकारी
पुलिस को छात्रा के कमरे में एक डायरी मिली, जिसमें शेर-शायरी के साथ गुलाब की सूखी पंखुड़ियां मिलीं। इसे पढ़कर पुलिस को पता लगा कि छात्रा किसी परिचित के साथ है। वह पुलिस और परिजनों को परेशान कर रही है। फिरौती के मेसेज पर रुपये की मांग भी 15 लाख से घटकर पचास हजार और फिर दस हजार रुपये तक आ गई। बाद में छात्रा के पिता से डेबिट कार्ड और क्यूआर कोड से रुपये भेजने की मांग की गई। संवाद
छात्रा जो सिमकार्ड चला रही है, वह उसके पिता की आईडी पर जारी हुआ है। फोन लगातार चल रहा है, पर कॉल रिसीव न करके मेसेज से बात की जा रही है। प्राथमिक तौर पर ये अपहरण का मामला नहीं है, लेकिन तहरीर के मुताबिक अपहरण की रिपोर्ट लिखकर उसकी तलाश की जा रही है। नंबर की लाेकेशन दूसरे राज्य में मिली है। एक टीम छात्रा की लोकेशन पर रवाना हो गई है। जल्दी ही उसे तलाश कर लिया जाएगा। - मुकेश चंद्र मिश्रा, एसपी उत्तरी