बरेली। बीपीएड की परीक्षा विश्वविद्यालय की कोडिंग तोड़ने की कोशिश में मीरगंज का आरपी डिग्री कॉलेज और मुरादाबाद का रुक्मणी डिग्री कॉलेज भी कार्रवाई के घेरे में आ सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन इन कॉलेजों की भूमिका संदिग्ध मान रहा है। हालांकि पूरे मामले में मास्टरमाइंड के तौर पर एक बीपीएड कॉलेज के प्राचार्य का नाम सामने आ रहा है। इसकी पुष्टि के लिए सामूहिक तौर पर नकल करते पकड़े गए छात्र-छात्राओं से पूछताछ की जाएगी।
नकल पर रोकथाम के लिए रुहेलखंड विश्वविद्यालय पिछले चार साल से बीपीएड की परीक्षा कैंपस में ही कराता आ रहा है। यहां सख्ती की वजह से नकल माफिया सफल नहीं हो पा रहे हैं। इस बार नकल माफिया ने इस बार नया तरीका निकाल लिया। शुक्रवार को परीक्षा के दौरान 25 छात्र-छात्राओं ने अपनी उत्तर पुस्तिका के प्रत्येक पन्ने पर अपना रोल नंबर, नाम और कॉलेज का नाम लिख दिया। कॉलेज का नाम लिखने के लिए कोडवर्ड इस्तेमाल किए गए। यह सभी परीक्षार्थी मीरगंज स्थित पूर्व विधायक के आरपी डिग्री कॉलेज और मुरादाबाद स्थित मौजूदा विधायक के रुक्मणी डिग्री कॉलेज के थे। मगर इस मामले का मास्टरमाइंड एक बीपीएड कॉलेज के प्राचार्य को ही बताया जा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं से पूछताछ के बाद इनका फंसना तय माना जा रहा है।
गिनती के कॉलेज इसलिए आसानी से सेट हुआ पूरा मामला
रुहेलखंड विश्वविद्यालय क्षेत्र में बीपीएड की मान्यता वाले चार-पांच ही स्कूल हैं। प्रत्येक में 60 ही सीटें हैं। इस तरह परीक्षा में लगभग 300 छात्र-छात्राएं ही बैठते हैं। सूत्रों का कहना है कि इन्हीं में एक कॉलेज के प्राचार्य ने इसकी सेटिंग की। क्योंकि कॉपियां चेक करने के लिए परीक्षक भी इन्हीं कॉलेज के पहुंचते और उन पर लिखे कोडवर्ड, रोल नंबर आदि से बच्चों की पहचान हो जाती। इसके बाद वे मनमाने नंबर देकर अपने मकसद में कामयाब हो जाते।
समिति करेगी जांच
परीक्षा केंद्र के प्रभारी डॉ. अमित सिंह पत्र लिखकर कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल और परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार सिंह को अवगत कराया है। उन्होंने मामले की जांच के लिए समिति गठित करने का भी अनुरोध किया है। इसके अलावा इन छात्र-छात्राओं की कॉपियां भी अलग चेक कराई जाएंगी।
यह सामूहिक नकल का मामला है जिसे पूरी तरह से प्लानिंग के तहत अंजाम दिया गया है। इसलिए मामले की जांच के लिए कुलपति और परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर कमेटी गठित करने का अनुरोध किया है। - डॉ. अमित सिंह, केंद्र प्रभारी