बरेली। श्री रामलीला सभा की ओर से बमनपुरी में चल रहे श्रीरामलीला मंचन के दसवें दिन दशरथ मरण लीला का मार्मिक मंचन हुआ। श्रीराम को वनवास के बाद दशरथ व्याकुल हो उठे। सुमत को भेजकर श्रीराम को वापस लाने को कहा। वियोग में मरणासन्न होने पर सभी रानियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत बिगड़ती गई और उन्होंने देह त्याग दी। वहीं, लीला के दूसरे चरण में श्रीराम-भरत संवाद का मंचन हुआ। भरत ने श्रीराम को बहुत समझाया कि वे अयोध्या लौट चलें और राजपाट संभाल लें, लेकिन श्रीराम ने पिता के आदेश पालन करने के बाद ही वापस लौटने को कहा। यह सुनकर भरत की आंखें नम हो गईं। इसके बाद वह श्रीराम की खड़ाऊ लेकर उनसे गले मिले और वापस लौट गए। कथा में अध्यक्ष अतुल कपूर, अमित अरोरा आदि मौजूद रहे।