बदायूं। नवविवाहिता की हत्या कर शव को लापता करने के मामले में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने पति को दोषी मानते हुए 10 साल कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही उस पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड डाला है। साक्ष्य न मिलने पर सास को बरी कर दिया गया।
वारदात चार जुलाई 2014 को उघैती थाना क्षेत्र के ग्राम स्वरूपपुर में हुई थी। कादरचौक थाना क्षेत्र के ग्राम रमजानपुर निवासी सुरेश ने रिपोर्ट लिखवाई कि उन्होंने अपनी भतीजी रेखा की शादी उघैती के गांव स्वरूपपुर निवासी सुनील के साथ की थी। रेखा के ससुराल वाले दिए गए दान दहेज से खुश नहीं थे। वे लोग अक्सर बाइक और 50 हजार रुपये की मांग को लेकर रेखा को परेशान करते थे। इस पर सुरेश ने ससुराल वालों को समझाया भी था, लेकिन वे लोग नहीं माने। चार जुलाई 2014 को उन्हें फोन पर खबर मिली कि रेखा को उसके ससुराल वालों ने मारकर लाश को जला दिया है। सूचना पर वह उसके घर पहुंचे। वहां ताला लगा था और ससुराल के सभी लोग नदारद थे। सुरेश ने इस मामले में पति सुनील, सास कमला देवी और चचिया सास मुन्नी देवी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अशोक कुमार ने एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद पति को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई, साथ ही उस पर 11 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। सास कमला देवी को साक्ष्यों के आभाव में बरी कर दिया गया। मुन्नी देवी की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो गई थी।