बरेली। रक्षा मंत्रालय से लीज मिलने की प्रक्रिया के बीच ही लालफाटक ओवरब्रिज का काम कैंट एरिया में शुरू कराने की कोशिश चल रही है। पीडब्ल्यूडी ने कैंट की जमीन का अधिग्रहण करने के लिए करीब तीन माह पहले फाइल शासन में भेजी थी लेकिन काम पूरा न होने से इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में अचड़न पैदा हो रही है। इसलिए अफसरों ने कोशिश की है कि कैंट के अधिकारी से यहां काम शुरू कराने की सहमति मिल जाए।
लालफाटक पुल कैंट एरिया में रक्षा मंत्रालय से लीज न मिलने से अधर में फंसा हुआ है। सेतु निगम के अधिकारियों का कहना है कि वह रेलवे से बदायूं की तरफ पुल का काम करीब पूरा कर लिया है। जबकि कैंट एरिया में सड़क को लीज पर लेना की प्रक्रिया पूरी होनी है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने करीब तीन माह पहले कैंट एरिया की जमीन को लीज पर लेने की फाइल जिला प्रशासन के जरिये शासन में भेजी थी लेकिन इस पर अब तक कोई फैसला नहीं हो सका है। ऐसे में पुल बनाने का काम भी प्रभावित हो रहा है। सेतु निगम ने लखनऊ-दिल्ली और बरेली-बदायूं रेलवे क्रासिंग की तरफ कैंट की सीमा तक पिलर बनाने का काम पूरा कर लिया है। अधिकारी कोशिश कर रहे हैं कि पुल का निर्माण प्रभावित न हो, इसके लिए लीज की प्रक्रिया के बीच ही इस काम को शुरू करा दिया जाए।
चौपुला का काम नहीं शुरू कर पा रहा सेतु निगम
-वन विभाग से एनओसी लिए बगैर चौपुला पुल के काम पर रोक लगा दी गई थी। पिछले शनिवार को सेतु निगम के अधिकारियों ने बगैर एनओसी के सर्विस लेन बनाने का काम शुरू किया था। इसके बाद अब तक काम शुरू नहीं हो सका है। सेतु निगम के अधिकारियों ने यहां मशीनें भी नहीं मंगवाई है। अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने ऑनलाइन आवेदन शुरू किया है लेकिन अभी एनओसी नहीं मिली है।
फॉरेस्ट की जमीन को छोड़कर शुरू किया काम
-सेटेलाइट फ्लाईओवर का काम भी सेतु निगम ने वन विभाग से एनओसी लिए बगैर ही शुरू किया है। इसके लिए भी आवेदन वन विभाग के पास लंबित है। सेतु निगम के डीपीएम वीके सेन का कहना है कि निर्माण कार्य अभी पीडब्ल्यूडी की जगह पर कराया जा रहा है।
ऐसी कोशिश हो रही है कि कैंट बोर्ड की जिस जमीन को लीज पर लेने की प्रक्रिया चल रही है, वहां पुल का काम शुरू हो जाए। इसके लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत चल रही है। - राकेश राजवंशी, चीफ इंजीनियर, पीडब्ल्यूडी