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फेसबुक के डाटा में अटकी नफरत फैलाने वालों की गिरफ्तारी

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बरेली। हाल ही में प्रधानमंत्री, धर्मगुरु समेत तमाम लोगों पर सोशल मीडिया में टिप्पणी कर माहौल बिगाड़ने की घटनाएं हुई हैं। अधिकांश मामलों में पुलिस आईटी एक्ट की धारा में रिपोर्ट लिखती है और पोस्ट की सच्चाई जानने के लिए फेसबुक के हैदराबाद मुख्यालय को मेल भेज दिया जाता है। यह रिपोर्ट मिलने में दस से पंद्रह दिन का समय लगता है। इसके चलते आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई अटकी हुई है। इनमें हाल ही में कोतवाली में दर्ज हुए दो मामले भी शामिल हैं।
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11 फरवरी को भूपेंद्र यादव नाम की आईडी से पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाकर फेसबुक पर विवादित पोस्ट डाली गई थी। भूपेंद्र ने अपने नाम के साथ नवी शब्द का भी इस्तेमाल किया था। लोगों की आपत्ति के बाद कोतवाली में भूपेंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। सीओ कुलदीप कुमार की ओर से साइबर सेल के जरिए फेसबुक के हैदराबाद मुख्यालय को मेल भेजकर भूपेंद्र की आईडी और आईपी एड्रेस आदि की जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा शनिवार को ही आला हजरत दरगाह की बेगुनाह कश्मीरियों पर जुल्म न करने संबंधी पोस्ट पर जैकी तिवारी नाम के फेसबुक अकाउंट से गलत टिप्पणी की गई थी। रजा एक्शन कमेटी की ओर से इस मामले में रिपोर्ट कराई। इस अकाउंट की डिटेल भी फेसबुक मुख्यालय से मांगी गई है। इंस्पेक्टर पंकज वर्मा ने बताया कि गिरफ्तारी और चार्जशीट के लिए डिटेल का इंतजार किया जा रहा है।
वहीं, सीबीगंज थाना क्षेत्र में सप्ताह भर पहले तिलियापुर के समीर नाम के व्यक्ति की आईडी से पुलिस के संभ्रांत नागरिक ग्रुप में एक एडिट फोटो डाला गया था। इसमें प्रधानमंत्री मोदी को आतंकी हाफिज सईद से हाथ मिलाते दिखाकर पूछा गया था कि असली देशद्रोही कौन? इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर समीर को तलाशा जा रहा है, पर वह फरार है।
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फेसबुक पर कमेंट संबंधी मामलों में आईपी एड्रेस से लेकर पोस्ट की सत्यता परखने के लिए फेसबुक मुख्यालय की अधिकृत रिपोर्ट जरूरी होती है। वहीं पर शिकायत दर्ज कराकर संबंधित अकाउंट से पोस्ट हटाई या अकाउंट बंद कराया जा सकता है। ज्यादा समय तक रिपोर्ट न मिलने पर हम सिर्फ रिमाइंडर ही भेज सकते हैं। - रमेश भारतीय, एसपी क्राइम
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