बरेली। बढ़ते खर्च और आमदनी कम होने से घाटे में जा रहे विवि के अगले साल का बजट घाटे में जानेे की आशंका है। गुरुवार को विवि कैंपस में संपन्न हुई वित्त समिति की बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के बाद यह तस्वीर सामने आई है, जिसके अनुसार इस साल विवि का मुनाफा चार करोड़ से घटकर 50 लाख तक पहुंचने का जिक्र है। बैठक में मुनाफा बढ़ाने के लिए कई अहम् फैसले लिए गए।
रुहेलखंड विवि की वित्त समिति की बैठक में वर्ष 2017-18 की बैलेंसशीट समेत वर्ष 18-19 का रिवाइज्ड बजट पेश किया गया, जिसमेें करीब 200 करोड़ रुपये का खर्च और 50 लाख रुपये का मुनाफा बताया गया है, जिसमें विवि प्रशासन ने जनवरी, फरवरी और मार्च का संभावित खर्च भी जोड़ा है। आशंका है कि संभावित खर्च अगर कम हुआ तो मुनाफे का आंकड़ा बढ़ सकता है। हालांकि 2019-20 के लिए घाटे का बजट प्रस्तावित है। मौजूद सदस्यों के अनुसार पहली बार होगा जब विवि के बजट में घाटे की आशंका दिख रही है। बैठक में रिप्रजेंटेटिव उच्च शिक्षा, रिप्रजेंटेटिव वित्त के अलावा रजिस्ट्रार, कुलपति और वित्त अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने बीएड के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट अनुमोदित किया है। साथ ही विवि प्रशासन ने घटती छात्र संख्या और बेहिसाब खर्चों का सीधा असर विवि की विकास योजनाओं पर पड़ने की आशंका जताई है, जिसके अनुसार अगले साल विवि को घाटे में जाने की आशंका जताई गई है।
बीएड से घाटा कम करने की योजना
इस साल बीएड प्रवेश परीक्षा की जिम्मेदारी मिलने के बाद विवि प्रशासन को अपना घाटा कम करने की संभावना है, जिसके बाद पेंशन फंड में भी अच्छी खासी रकम जमा हो जाएगी। ग्रेच्युटी फंड खोलने के प्रस्ताव पर और कर्मचारियों को वर्दी दिलाने के प्रस्ताव पर शासन के नियमों के तहत वर्दी दिलाने पर समिति की मुहर लगी है। वित्त अधिकारी सुरेश उपाध्याय ने बताया कि अगले सत्र का बजट घाटे में जाने की आशंका है, इसलिए आमदनी बढ़ाने के पूरे प्रयास किए जाएंगे।