बरेली। दरगाह आला हजरत पर चल रहा दो रोजा उर्स-ए-हामिदी मदरसा मंजरे इस्लाम के दीक्षांत समारोह के साथ पूरा हो गया।
उर्स के दूसरे रोज दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रजा खां (सुब्हानी मियां) की सदारत में तकरीब संपन्न हुईं। इसकी शुरुआत सुबह कुरान ख्वानी से हुई। दिन में नातो मनकबत का नजराना पेश किया गया। हाजी गुलाम सुब्हानी ने अपने साथियों के साथ मीलाद शरीफ पेश की। रात के सत्र में कारी रिजवान रजा ने महफिल का आगाज किया। इसके बाद उलमा ने तकरीर करते हुए हुज्जतुल इस्लाम की जिंदगी पर रोशनी डाली। इसमें इंग्लैंड के अल्लामा शेख मुनव्वर अतीक, मुफ्ती अय्यूब खान, मुफ्ती हनीफ खान, मौलाना मुख्तार बहेड़वी, मौलाना सगीर जोखनपुरी, कारी अमानत रसूल आदि ने खिताब किया। रात को 10:35 बजे कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।
इसके बाद मदरसे के दीक्षांत समारोह में अल्लामा सुब्हानी मियां ने फारिग हुए 200 तुलबा को सनद सौंपते हुए दस्तारबंदी की। इसके बाद आल इंडिया तहरीरी और तकरीरी मुकाबले के इनाम बांटे गए, जिनके नाम की घोषणा मुफ्ती सलीम नूरी ने की। निजामत मौलाना यूसुफ रजा संभली ने की। इस दौरान मुफ्ती आकिल रजवी, मुफ्ती अफरोज आलम, मौलाना अख्तर, मुफ्ती जमील, मुफ्ती कफील, मौलाना डा. एजाज अंजुम, नासिर कुरैशी, हाजी जावेद खान शान रजा, तारिक सईद आदि मौजूद रहे।