‘खरमास’ समाप्त, तीन माह बैंड बाजा और बारात
बरेली। माहभर बाद फिर शहनाईयों की गूंज से शहर गुंजायमान होने लगा। बुधवार को जिले में चार सौ से ज्यादा वैवाहिक आयोजन हुए, जिसमें से करीब दो सौ शहरी क्षेत्र में हुए। वहीं 15 मार्च से 15 अप्रैल तक ‘मलमास’ लगने से माहभर मांगलिक आयोजन नहीं होंगे।
ज्योतिषाचार्य पं. नीरज शर्मा के मुताबिक इस वर्ष शुभ लग्न काफी हैं। फिर भी ज्यादातर यजमानों ने पहले ही दिन को प्राथमिकता दी। बुधवार को कृतिका व एकादशी के शुभ मुहूर्त में जोड़े अग्नि के फेरे लेकर दांपत्य बंधन में बंधे। दूसरी ओर, दो सौ से अधिक शादियां होने से शहर में रात आठ बजे के बाद जाम जैसे हालात रहे। ईंट पजाया चौराहा, सिविल लाइंस, पीलीभीत बाईपास, बदायूं रोड और रामपुर रोड की ओर सर्वाधिक मैरिज हॉल होने से यहां सर्वाधिक वैवाहिक रस्में अदा हुई, जिससे इन जगहों पर कुछ समय के लिए जाम जैसे हालात भी रहे। बैंक्वेट हॉल एसोसिएशन के महामंत्री अतीत गुप्ता के मुताबिक मना करने के बाद भी बाराती सड़क घेरकर गुजरते हैं, जिससे जाम लगता है।
ऐसे बनता है शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य पं. अनुराग शंखधार ने बताया कि लता दोष, पात दोष, युति दोष, वेध दोष, जामित्र दोष, पंच बाण दोष, तारा दोष, उपग्रह दोष, कांति साम्य एवं दग्धा तिथि इन 10 तरह के दोषों का विचार करने के बाद ही शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। रेखाओं की गणना इन्हीं के आधार पर होती है। जितनी ज्यादा रेखाएं होंगी, मुहूर्त उतना ही शुद्ध होता है। पिछले साल 2018 में एक भी लग्न 10 रेखा का नहीं था, जबकि नए साल में 5 दिन 10 रेखा के विवाह लग्न रहेंगे।
लग्न रेखा
10 रेखा के लग्न : 8 फरवरी, 6 मई, 16 जून, 7 और 8 जुलाई।
9 रेखा के लग्न : 22, 23 जनवरी, 8, 9 व 10 मार्च, 22 अप्रैल, 30 मई, 8, 9, 10, 11, 16 जून और 10 जुलाई।
8 रेखा के लग्न : 15, 17, 18, 25, 29 जनवरी, 21 फरवरी, 9 मार्च, 7, 12, 13, 28, 29 मई, 12, 24, 25 जून, 6 व 11 जुलाई।
7 रेखा के लग्न : 12 मार्च, 17 व 20 अप्रैल, 14, 18, 19, 29 मई, 8 जुलाई।
6 रेखा के लग्न : 9, 10 फरवरी, 3 मार्च, 16, 17, 18 व 19 अप्रैल, 17 व 23 मई।