चौधीपुर में बाघ ने किया भैंस का शिकार
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कस्बा से सटे चौधीपुर गांव निवासी एक पशुपालक की भैंस को बाघ ने अपना निवाला बना लिया। शुक्रवार सुबह भैंस का अधखाया शव पूरनपुर गांव के निकट गन्ने के खेत के किनारे मिला। इससे पहले बाघ ने बरौंछा नाला में चर रही एक पड़िया को निवाला बनाया था। ग्रामीणों ने घटना की सूचना मैलानी रेंज कार्यालय को दी है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट और बांकेगंज कस्बा से चार किलोमीटर दूरी पर स्थित चौधीपुर गांव निवासी छोटेलाल की भैंस रात में खूंटे से छूट गई थी। सुबह पशुबाड़े में उसके न मिलने पर तलाश शुरू हुई तो उसका अधखाया शव पूरनपुर गांव के निकट गोल्डी गोयल के गन्ने के खेत के किनारे मिला। अधखाये शव के पास बाघ के पगचिह्न मिले। ग्रामीण छोटेलाल ओमप्रकाश, रामविलास, संजय आदि ने इसकी सूचना फारेस्टर मोहम्मद उमर और राजेंद्र वर्मा को दी। घटनास्थल पर पहुंचे वन कर्मियों ने मौका मुआयना किया और बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि भी की।
चार दिन पहले जटपुरा बीट जंगल से सटे बरौंछा नाले में पशुओं के झुंड के साथ चरने गई एक पालतू पड़िया पर बाघ ने हमला कर उसे निवाला बनाया था। तब भी वन कर्मियों को इसकी सूचना दी गई थी। एक सप्ताह के अंदर बाघ द्वारा दो मवेशियों का शिकार किए जाने से ग्रामीणों में दहशत है।
बफरजोन के मैलानी रेंज की जटपुरा बीट जंगल के पास चौधीपुर गांव से सटे गन्ने के खेत किनारे बाघ ने भैंस का शिकार किया है। वन कर्मियों को बाघ की निगरानी में लगाया गया है। पशुपालक के क्लेम करने पर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
- डॉ अनिल कुमार पटेल, उपनिदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन