आंवला/भमोरा। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीरपाल सिंह यादव के भतीजे आदेश यादव गुड्डू की ब्लाक प्रमुख की कुर्सी लंबी खींचतान के बाद आखिरकार चली गई। उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास हो गया। कुल 112 बीडीसी में से 90 सदस्यों ने मतदान में हिस्सा लिया। इनमें 87 ने प्रस्ताव के समर्थन में वोट डाला। मात्रदो सदस्यों ने विरोध में मतदान किया। एक वोट निरस्त हो गया। इससे पहले गुड्डू और प्रशासनिक अफसरों के बीच हाईकोर्ट के स्टे को लेकर लंबी खींचतान चली। ब्लॉक प्रमुख गुड्डू लगातार हाईकोर्ट का स्टे होने की बात कहकर मतदान पर रोक लगाने की बात कहते रहे, लेकिन वह अफसरों को स्टे की कापी दिखा नहीं पाए। न ही स्टे इंटरनेट पर था। प्रशासन ने विधि विशेषज्ञों से राय लेने के बाद अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने के तुरंत बाद मतगणना करा दी।
चुनाव अधिकारी एसडीएम विशु राजा की निगरानी में दोपहर साढ़े 12 अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग शुरू हुई, जो तीन बजे तक चली। अपराह्न चार बजे मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर एडीएम, एसपी देहात संसार सिंह, सीओ आलोक कुमार अग्रहरि, कोतवाल पंकज वर्मा सहित पीएसी भी तैनात रही। आदेश यादव गुड्डू सपा सरकार में आलमपुर जाफराबाद के ब्लाक प्रमुख बने थे। तब उनके ताऊ पूर्व सांसद वीरपाल सिंह ने भी उन्हें ब्लॉक प्रमुख बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। बीच में ताऊ और भतीजे में मतभेद की चर्चा भी राजनैतिक हलकों में रही। हालांकि दोनों ने कभी भी खुले तौर पर मतभेद जाहिर नहीं किए। वीरपाल सिंह यादव ने अपनी उपेक्षा से आहत होकर सपा छोड़ दी और प्रगतिशील सपा में शामिल हो गए। मगर, आदेश यादव गुड्डू अपने ताऊ के साथ पीएसपी में न जाकर सपा में ही बने रहे। भाजपा नेता वेदप्रकाश यादव की अगुवाई में पिछले महीने जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह के सामने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। जिस पर डीएम ने छह जनवरी वोटिंग की तारीख नियत की थी। आदेश यादव गुड्डू का दावा था कि चार जनवरी को उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। मगर, उस पर कोर्ट के फैसले की कापी वह अफसरों को नहीं दिखा सके। शनिवार को आदेश यादव गुड्डू ने डीपीआरओ को नोटरी शपथ पत्र देकर अविश्वास प्रस्ताव का परिणाम घोषित न करने की मांग की। इस मामले को लेकर वह डीएम से भी मिले थे, जिस पर उन्होंने नियमानुसार ही प्रक्रिया होने का आश्वासन दिया था।
बीडीसी सदस्यों से बात करने पर हंगामा
ब्लॉक सभागार में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बाद निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख आदेश प्रताप सिंह यादव बाहर आए तो अखिल भारतीय लोधी महासभा की प्रदेश महामंत्री राजरानी लोधी को बीडीसी सदस्यों से बात करते देख भड़क गए। उन्होंने भाजपा नेत्री पर सदस्यों को अपने पक्ष में बरगलाने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। एसडीएम मौके पर पहुंचे और राजरानी को परिसर से बाहर निकलवाकर मामला शांत कराया।
नहीं दिखा सके स्टे आदेश यादव ने हाईकोर्ट से स्टे मिलने की बात कहते हुए मतदान का परिणाम घोषित न करने की मांग की। चुनाव अधिकारी एसडीएम विशु राजा ने स्टे आर्डर दिखाने को कहा तो वह केवल हाईकोर्ट में दायर की गई रिट की कॉपी और जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपा शपथ पत्र ही दिखा सके।
अविश्वास प्रस्ताव पर विधिक राय लेने के बाद डीएम के आदेश पर अमल करते नियमानुसार परिणाम घोषित किया गया है। ब्लाक प्रमुख हाईकोर्ट के स्टे की कापी नहीं दिखा सके। - विशुराजा, चुनाव अधिकारी
भाजपा ने सत्ता का दुरुपयोग करते हुए लोकतंत्र की हत्या की है। अफसर सत्ता के दबाव में मतदान करा रहे थे। जनता सब देख रही है। -आदेश यादव गुड्डू, निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख, आलमपुर जाफराबाद
क्षेत्र में विकास कार्य न होने के कारण बीडीसी सदस्यों में ब्लॉक प्रमुख के प्रति गुस्सा था। बीडीसी ने अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया। - वेदप्रकाश यादव, भाजपा नेता