बरेली। रात 11 बजे का वक्त। अचानक शहर में अफवाह फैली कि दिल्ली में भूकंप आ गया है। वह कुछ ही देर में बरेली पहुंच रहा है। यह अफवाह सुनते ही युवा, बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घरों के बाहर निकल आए और सड़क पर जमा होने लगे। शहर के तमाम इलाकों में भीड़ जमा हो गई। मस्जिदों में अजान होने लगी। हालांकि किसी ने भूकंप के झटके महसूस नहीं किए। भूकंप की अफवाह को लेकर पुलिस भी परेशान रही। पुलिस की गाड़ियां सड़कों पर इधर से उधर दौड़ती रहीं। हालांकि सैलानी शांत रहा। यहां न अजान हुई। न ही जनता ने अफवाहों पर ध्यान दिया।
शहर के सूफी टोला, काजी टोला, कांकर टोला बिहारीपुर, शहदाना, पुराना शहर के जगतपुर, चक महमूद, काजी टोला, रोहिली टोला, रबड़ी टोला, बाकरगंज, किला, गौंटिया, जसोली, जखीरा, करबलान, स्वाले नगर, बुधौलिया, सीबीगंज, बड़ा बाजार, कुतुबखाना, आलमगिरीगंज, आजमनगर आदि इलाकों में हर जगह अफवाह फैल गई कि दिल्ली में आया है। कुछ ही देर में भूकंप बरेली भी आने वाला है। कहीं-कहीं यह भी कहा गया कि बर्फ की तूफानी बारिश होने वाली है। इतना सुनते ही बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और युवा सब दहशत में आ गए। अधिकांश लोग रात में अपने-अपने घरों को छोड़कर सड़क पर जमा होने लगे। हर कोई एक दूसरे से पूछने लगा कि किधर भूकंप आया है। कोई भी जवाब देने की स्थिति में नहीं था। मस्जिदों से भी अचानक अजान शुरू हो गई। आधी रात में एक दम से पूरा शहर दहशत में आ गया। हर कोई फोन से एक दूसरे से भूकंप के बारे में जानकारी करने लगा। किसी ने कहा कि किसी ने बताया कि दिल्ली में भूकंप उठा है। मस्जिदों से अजान की आवाज आते ही अधिकांश ने भूकंप की बात को एक तरह से सच मान लिया और सब दहशत में आ गए। अमर उजाला ने रात 11 से 12 बजे तक अफवाह की हकीकत जानने के लिए शहर के कुछ इलाकों को भ्रमण भी किया। सूफी टोला में सड़क पर खड़े मिले सादिल खां, फुकीन घोसी, अरशद, मुजाहिद, मो. जाबिर, मो. फहीम आदि ने बताया कि कहीं भूकंप आया है। मस्जिद में अजान भी होने लगी है। इसलिए वह घर से बाहर आ गए। हालांकि कोई भी यह नहीं बता सका कि भूकंप कहां आया है और कितने रिएक्टर पर है। बस, चारो ओर एक ही अफवाह थी कि भूकंप आया है। सैलानी से हनीफ, गुड्डू, फहीम आदि ने जानकारी दी कि किसी ने भूकंप के झटके महसूस नहीं किए। आस-पास की मस्जिदों में अजान नहीं हुई। दूर की मस्जिदों से अजान की आवाजें आ रही थीं। सच क्या है, यह पता नहीं। श्यामगंज फलमंडी वाली गली में स्थित होटल कारीगर ने भूकंप के डर से तुरंत अपना होटल बंद कर दुकान बढ़ा दी। अन्य इलाकों में भी शटर धड़ाधड़ गिरने लगे। कुछ ही देर में गलियों में सन्नाटा था और घरों की सड़कों पर भीड़ जमा हो गई। शहर में भूकंप के माहौल ने एक तरह की दहशत पैदा कर दी।