पत्नी की ओर से लिखाया गए मुकदमों में फैसला कराने की बात कहकर निदा खान के खिलाफ 5 लाख रूपए ऐंठने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने की अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
थाना प्रेमनगर सुर्खा चौक के रहने वाले वसीम हुसैन ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा कि उसकी पत्नी शबीना बेगम ने उसके खिलाफ महिला थाना पर मुकदमा लिखाया जिसपर हाई कोर्ट ने रोक लगाई और मामला मीडिएशन सेंटर भेजने को कहा। उसकी पत्नी ने कई और मुकदमे उसके खिलाफ दायर कराए। अपने आप को आला हजरत खानदान की बहु बताने वाली निदा खान ने इन मुकदमों में फैसला कराने के नाम पर 12 दिसंबर 17 को उसके घर आकर 3 लाख पचास हजार रूपए उससे ले लिए और कहा कि पांच लाख में फैसला करा दुंगी। अर्जी मे आगे कहा 20 अप्रैल 18 को निदा खान उसके घर से बाकी बचा डेढ़ लाख रूपया भी ले गई और कहा जून तक तुम्हारा फैसला हो जाएगा। जून निकलने के बाद वह 2 जुलाई को निदा के घर गया जहां पर निदा, उसका भाई ,पिता व कई और लोग मिले। निदा खान ने उससे गली गलौच करके उसे भगा दिया और उसके पैसे वापस नहीं दिए।
निदा खान के वकील हुमैर खान ने बताया कि कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि वसीम की ओर से 5 लाख रूपए देने का कोई भी ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया। न ही आवेदक कोई ऐसा सुबूत प्रस्तुत कर पाया जिससे यह पता चले कि उसके और निदा खान के इतने वैश्वासिक और घनिष्ठ सबंध थे कि जिसके आधार पर उसने पैसा दिया हो। कोर्ट ने अर्जी को खारिज कर दिया।