कुछ ही दिनों बाद सुबह का नाश्ता महंगा हो जाएगा। दस-बारह दिन पहले आटा, मैदा और सूजी के दाम बढ़ गए हैं, लेकिन बाजार में डिमांड कम होने की वजह से कारोबारियों ने इससे बनने वाले उत्पादों के अब तक दाम नहीं बढ़ाए, लेकिन अब जल्द दाम बढ़ जाएंगे। बेकरी उद्योग और उससे जुड़े कारोबारी घाटा कम क रने के लिए दाम बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि कच्चा माल महंगा होेने से अगले सप्ताह से दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी है।
बहुत जल्द बेकरी उत्पाद बिस्कुट, रस, ब्रेड, फैन, डबल रोटी की कीमतों में 25-30 फीसदी की बढ़ोत्तरी होगी। कारोबारियों का कहना है कि पिछले दिनों मैदा, सूजी, आटा, चीनी, वनस्पति और अन्य कच्चा माल महंगा हो गया है। गेहूं करीब तीन सौ रुपये तक महंगा हुआ है। गेहूं से ही मैदा बनता है। मैदा महंगा होने का प्रभाव बेकरी उद्योग पर पड़ा है। नाम न छापने की शर्त पर एक कारोबारी ने बताया कि सभी ने आपस में फैसला किया है कि सावन बीतते ही बेकरी उत्पादों के दामों में 25 प्रतिशत तक बढ़ोत्तरी करेंगे। मैदा-आटा कारोबारी संजीव माहेश्वरी बताते हैं कि भारतीय खाद्य निगम ने भंडारित गेहूं फ्लोर मिलों आदि को बेंचने के लिए टेंडर मांगे हैं, कारोबारी दो हजार रुपये प्रति कुंतल लेने को तैयार हैं, इससे बेकरी और बिस्कुट उद्योग भी प्रभावित हुआ है।
कच्चा माल महंगा होता जा रहा है। ट्रांसपोर्ट भाड़ा भी बढ़ा है, लेबर ने भी मेहनताना बढ़ा दिया है। ऐसी स्थिति में बेकरी उद्योग आर्थिक संकट में आने लगा है। इसे दूर करने के लिए कम से कम से 25 प्रतिशत कीमतें जल्द बढ़ सकती हैं।
- मनोहर लाल धीरवानी, बेकरी उद्यमी
गेहूं पर दाम बढ़ते ही मैदा, सूजी, आटा, आदि 250 से 300 रुपये प्रति कुंतल महंगे हो गए हैं। चीनी भी 34 रुपये प्रति कुंतल महंगी हो गई। यह सभी उत्पाद बेकरी कारोबार में इस्तेमाल होते हैं। इसलिए बेकरी आइटम महंगे हो सकते हैं।
- पंकज अग्रवाल, कारोबारी
आम- गरीब आदमी के लिए अब नाश्ता भी भारी
डबल रोटी, ब्रेड, रस आदि पर दाम बढ़ने से सबसे ज्यादा आम गरीब आदमी ही प्रभावित होगा। श्रमिक नेता सतीश मेहता कहते हैं कि सुबह होते ही श्रमिक चाय और डबल रोटी से अपनी पेट की भूख को शांत करता है। गरीबों का नाश्ता भी सस्ती ब्रेड आदि है। दाम बढ़ते ही गरीब परिवारों के लिए सुबह का नाश्ता भारी हो जाएगा।