बरेली कॉलेज में एलएलबी प्रवेश की मेरिट सूची में आरक्षण के मुद्दे पर खूब हल्ला मचा। अब हल्ला मचा है फर्जीवाड़े को लेकर। एलएलबी में प्रवेश के लिए कई छात्रों ने भारांक पाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेट लगा दिए। एडमिशन से पहले बीस मामले ग्रेवांश सेल के पास पहुंचे। इसमें ज्यादातर मामले एनएसएस सर्टिफिकेट के हैं। दो मामलों को लेकर कॉलेज प्रशासन सकते में आ गया। इन अभ्यर्थियों ने मेरिट में स्थान पाने के लिए मार्कशीट ही फर्जी लगा दी। मामला खुलने के बाद प्रवेश की सूची से इनको रोका गया। मंगलवार को काउंसलिंग के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने विरोध भी जताया। अब ग्रेवांश कमेटी जांच पड़ताल में लगी है।
आवेदन फार्म जमा होने के बाद ही खेल, एनएसएस के कई सर्टिफिकेट और मार्कशीट संदिग्ध मिली थीं। कई छात्रों ने मार्कशीट की कॉपी ही नहीं लगाई थी। एडमिशन सेल को तभी से इन पर शक था। एनएसएस का फर्जीवाड़ा एक सर्टिफिकेट से खुला। इसमें एक ही सीरियल नंबर से दो सर्टिफिकेट लगेे मिले। इस तरह के बीस मामले ग्रेवांश सेल को दिए गए। इन छात्रों को मेरिट सूची में शामिल नहीं किया गया। मंगलवार को काउंसलिंग में ये छात्र भी पहुंच गए। उनका कहना था कि उनका मेरिट में नाम आना चाहिए था। भारांक न मिलने के कारण उनको सूची से बाहर होना पड़ा। अब ग्रेवांश सेल इनकी पड़ताल कर रहा है। जिन छात्रों ने गलत मार्कशीट लगाई है उनके आवेदन निरस्त होंगे और फर्जी सर्टिफिकेट मिलने पर उसका भारांक निरस्त किया जाएगा।
ग्रेवांश सेल को मामले भेजे गए हैं। जो सही होंगे उसका लाभ छात्रों को दिया जाएगा। जो गलत निकलेंगे उनका भारांक निरस्त हो जाएगा। ग्रेवांश सेल उस पर कार्रवाई कर रहा है।
-डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य