एक अप्रैल को रविवार का अवकाश पड़ने की वजह से जनपद में दो अप्रैल 2018 से सरकारी केंद्रों पर किसानों से गेहूं खरीद प्रारंभ की जानी है, जिसके लिए जनपद में कुल 151 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। इस वर्ष किसानों का गेहूं 1735 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा जाएगा, जिसके साथ ही 10 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा। क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। खाद्य विभाग की वेबसाइट एफसीएस डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन पर मार्च 2018 से पंजीकरण की शुरुआत हो चुकी है। धान सीजन में पंजीकरण करा चुके किसानों को दोबारा पंजीकरण कराने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार ने दो लाख सात हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया है, जिसके मुताबिक आठ एजेंसियों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। गेहूं खरीद की तैयारियों को लेकर डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह विभागीय कर्मचारियों और केन्द्र प्रभारियों संग बैठक कर चुके हैं, जिसमें उन्होंने किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न किए जाने की हिदायत केन्द्र प्रभारियों को दी थी। बिचौलियों पर अंकुश लगाने के लिए किसानों का गेहूं खसरा-खतौनी देखकर उनकी उत्पादकता के आधार पर खरीदा जाएगा। कृषि विभाग ने 37.95 क्विंटल प्रति हेक्टेअर औसत गेहूं उत्पादन का अनुमान बताया है। किसानों को उनके खाते में 1745 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से आरटीजीएस के जरिए भुगतान किया जाएगा, जिसमें 10 रुपये प्रति क्विंटल बोनस शामिल है।
केंद्र पर किसानों को मिलेगी सुविधाएं
क्रय केन्द्रों पर आने वाले किसानों को स्वच्छ पेयजल, शामियाना/ छाया आदि सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। क्रय केन्द्र पर 250 एमटी गेहूं खरीद तक 7500 रुपये, 250 से 600 एमटी गेहूं खरीद तक 15 हजार रुपये और 600 एमटी से अधिक गेहूं खरीद करने वाले प्रभारी अधिकतम 22,500 रुपये मंडी शुल्क से खर्च कर सकेंगे।
क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रारंभ करने की सारी तैयारियां कर ली गई हैं। दो अप्रैल से किसानों केे गेहूं खरीद की शुरुआत हो जाएगी। कहीं दिक्कत आने पर किसान संबंधित तहसील के एसडीएम से शिकायत कर सकते हैं, जिस पर त्वरित समस्या का निराकरण कराया जाएगा।
- कौशल देव, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी
एजेंसी लक्ष्य (एमटी)
1.खाद्य विभाग 44,400
2.पीसीएफ 83,000
3.एनसीसीएफ 8,800
4.एसएफसी 11,000
5.कर्मचारी कल्याण निगम 8,500
6.यूपीपीसीयू 25,000
7.यूपी स्टेट एग्रो 2,500
8.एफसीआई 17,500