दबंगों को बख्शने पर एसओ मूसाझाग समेत तीन निलंबित, सीओ को भी हटाया
-महिला को जिंदा जलाने की कोशिश के मामले में लापरवाही आई सामने, एसएसपी ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं/मूसाझाग। दबंगों पर कार्रवाई न करना मूसाझाग पुलिस को भारी पड़ गया। गांव गिधौल में शुक्रवार को एक महिला को जिंदा जलाकर मारने की कोशिश के मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने एसओ प्रवेश पाठक, दरोगा अमित चौधरी और सिपाही अनिल कुमार को सस्पेंड कर दिया।
साथ ही सीओ निर्मल कुमार बिष्ट को उझानी सर्किल से हटाकर पुलिस लाइंस भेज दिया। इस कार्रवाई के कुछ घंटों बाद ही दो आरोपियों रामनिवास और नन्हें को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिधौल गांव में चंद्रपाल और रामनिवास के बीच ग्राम समाज की भूमि को लेकर विवाद चल रहा था। शुक्रवार को विवादित जमीन पर झोपड़ी डालने को लेकर रामनिवास पक्ष के लोगों ने मारपीट की और चंद्रपाल की 24 वर्षीय बेटी हंसमुखी पर केरोसिन डालकर आग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसका बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। पीड़ित चंद्रपाल का कहना था कि उसने कई बार थाना पुलिस से शिकायत की। तहसील और समाधान दिवस में फरियाद की, मगर पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। इससे विरोधियों के हौसले बढ़ गए और उनकी बेटी को जिंदा फूंकने की कोशिश करने का दुस्साहस किया।
उधर मूसाझाग पुलिस ने आरोपियों को बचाने के लिए इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद आला अफसरों को सूचना नहीं दी। एसएसपी चंद्रप्रकाश ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल कार्रवाई कर दी। सदर कोतवाली में तैनात दरोगा अमृत लाल को मूसाझाग का नया एसओ बनाया है। सीओ बिष्ट की जगह दातागंज से भरत भूषण शर्मा को उझानी भेजा गया है। पुलिस लाइन में तैनात सतेंद्र कुमार को दातागंज का नया सीओ बनाया गया है।