जिला अस्पताल में एक हफ्ते बाद थैलेसीमिया मरीजों को इलाज मिलना शुरू हो जाएगा। रविवार को थैलेसीमिया सोसाइटी के साथ जिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक हुई। अस्पताल प्रशासन ने चार बेड आरक्षित कर दिए हैं। ड्यूटी पर चार डॉक्टर और दो स्टाफ नर्स तैनात रहेंगी। बरेली में करीब 60 मरीज पंजीकृत हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की ओर से यह वार्ड शुरू किया गया है। यहां थैलेसीमिया मरीजों को नि:शुल्क दवा और ब्लड चढ़ाया जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके गौतम ने आईएमए ब्लड बैंक की निदेशक डॉ. अंजू उप्पल और थैलेसीमिया सोसाइटी की डॉ. जे सरदाना को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अस्पताल में जैसे ही थैलेसीमिया मरीज आएंगे वे अपना पर्चा बनवाने के बाद सीधे एनसीडी सेल में संपर्क करेंगे। यहां स्टाफ नर्स रानू और मिथिलेश की ड्यूटी रहेगी। साथ ही शंखधर और सोनी यादव बतौर काउंसलर तैनात रहेंगे। दवाआें के वितरण के लिए फार्मासिस्ट सचिन यादव को तैनात किया गया है, यह एआरटी सेंटर पर दवा देंगे। 12 साल से कम उम्र के थैलेसीमिया मरीजों को डॉ. करमेंद्र और डॉ. एसके सागर देखेंगे, 12 साल से अधिक उम्र के मरीजों का इलाज डॉ. अजय मोहन अग्रवाल और डॉ. वागीश वैश्य करेंगे। न्यू फिमेल सर्जिकल वार्ड में चार बेड आरक्षित हैं। यहां ब्लड का इंतजाम भी जल्द किया जाएगा ताकि तुरंत खून चढ़ाया जा सके।