डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने जिले के नए सर्किल रेट पर मुहर लगा दी है। इसमें ट्रांसपोर्ट नगर का सर्किल रेट आधा करके बाकी इलाकों को भी मामूली सी राहत दी है। ट्रांसपोर्ट नगर के प्लाटों का बैनामा अब 17 से साढ़े सत्रह हजार रुपये के सर्किल रेट से होगा। इसके अलावा सड़कों के किनारे की जमीन का 500 मीटर तक की जमीन का बैनामा न्यूनतम आवासीय सर्किल रेट से होगा। बाकी जमीन का बैनामा कराने पर कृषि के सर्किल रेट का स्टांप लगेगा, जबकि अब तक अधिकतम सर्किल रेट पर जमीनों का बैनामा हो रहा था।
शनिवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट सभागार में सर्किल रेट को लेकर अधिकारियोें के साथ बैठक की। इस दौरान एक-एक करके 74 आपत्तियों पर विस्तार से चर्चा हुई। शहरी इलाकों से सटे ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट बढ़ाए जाने का विरोध किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर के सर्किल रेट को लेकर सबसे ज्यादा सोलह आपत्तियां आईं। शिकायतें यह थीं कि ट्रांसपोर्ट नगर का सर्किल रेट 35000 से 35500 रुपये प्रति वर्गमीटर है। जबकि बीडीए ही वहां प्लाट 16 हजार 400 रुपये में बेच रहा है। ट्रांसपोर्टनगर के आसपास के किसानों की जमीन भी सर्किल रेट की वजह से नहीं बिक पा रही है। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेकर टीपी नगर का सर्किल रेट साढ़े सत्रह हजार रुपये प्रति मीटर तय कर दिया। इसके अलावा बैठक में और भी कई फैसले किए गए। शासन के नियम-12 के शिथिल किए जाने से लोगों को काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।
सर्किल रेट को लेकर यह फैसले हुए
-नियम-12 को शिथिल करने का अनुरोध किया गया तो इस पर डीएम ने बताया कि सर्किल रेट को तीन कटेगरी में बांटा गया है। एक अगस्त से सड़क से 500 मीटर जमीन का बैनामा आवासीय न्यूनतम दरों पर होगा। तीनों श्रेणी की सड़कों पर यह लागू होगा।
- आईजी ऑफिस के पास बन रहे फ्लैटों का सर्किल रेट कम कराने के लिए तर्क दिया गया लेकिन डीएम ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया।
-संजय नगर श्मशान भूमि से पीलीभीत बाईपास को मिलाने वाली सड़क का सर्किल रेट समान समान कर दिया गया। इसी तरह शहदाना और कुतुबखाना का सर्किल रेट समान कर दिया गया है।
- ट्रांसपोर्ट नगर का सर्किल रेट आधा कर दिया गया
- सैदपुर हाकिंस में 2.63 फीसदी सर्किल रेट की बढ़ोत्तरी कर दी गई
- आंवला के कैमुआ गांव रफियाबाद का सर्किल रेट समान कर दिया गया
-फरीदपुर के गौसरा, ऊंचा और महादेव मोहल्लों के सर्किल रेट को सामान करने का फैसला हुआ
इसकी होगी जांच
पंकज अग्रवाल का कहना था कि उन्होंने रिठौरा इलाके में बर्कापुर गांव में पांच लाख रुपये बीघा से 35 बीघा जमीन खरीदी है। यह पूरी ही जमीन ग्रीन बेल्ट में है। बीडीए ने इसे आवासीय इस्तेमाल के लिए मना करा दिया। जबकि यहां का सर्किल करीब 18 लाख रुपये बीघा है। ऐसे में हम बैनामा नहीं करा पा रहे हैं। डीएम ने तहसीलदार मलखान सिंह को मामले में जांच कराकर अवगत कराने को कहा।
इसे माना गया डूब क्षेत्र
रामगंगा किनारे के गांव ठिरिया बुुजुर्ग के गाटा संख्या 622 से 1116 तक डूब क्षेत्र घोषित करके यहां के सर्किल रेट में एक तिहाई कटौती कर दी गई। इस गांव के अलावा रामगंगा किनारे के गौरा गोकनाथपुर एतमाली समेत और भी गांव को डूब क्षेत्र घोषित किया गया है।
नोटबंदी के बाद के बाद उत्तराखंड में 40 फीसदी सर्किल रेट कम किए गए हैं। यहां भी कम होने चाहिए थे। इससे इन दिनों सात फीसदी स्टांप लग रहा है यह बढ़कर 10 फीसदी हो जाता। सर्किल रेट से जमीन के दाम बढ़ने के वजह से इनकम टैक्स वालों को हिसाब कहां से दिया जाए। इसकी वजह से लोग परेशान है। इस पर अधिकारियों को सोचना चाहिए था- अनूप कुमार सक्सेना, कातिब