स्नातक और परास्नातक के छात्रों को अब सीधे फाइनल ईयर की मार्कशीट मिलेगी। स्नातक के छात्रों को अब प्रथम-द्वितीय और परास्नातक में प्रथम वर्ष की मार्कशीट नहीं दी जाएगी। बुधवार को एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय में हुई परीक्षा समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर भी लग गई। प्रस्ताव में तर्क था कि प्रथम और द्वितीय वर्ष की मार्कशीट का प्रयोग नहीं होता, जबकि विवि का इस पर अच्छा खासा खर्च हो जाता है। इस लिए छात्रों को कॉम्पैक्ट मार्कशीट दी जाए। कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस पर सहमति बन गई। इस प्रस्ताव के समेत 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी। समिति में परीक्षा नियंत्रक महेश कुमार, कुलसचिव साहब लाल मौर्या व समिति के सदस्य मौजूद रहे।
प्रदेश के शिक्षकों का बनेगा डाटा बैंक
मूल्यांकन में परीक्षकों की कमी इस बार भी रही। होम साइंस, केमिस्ट्री समेत कई विषयों के परीक्षक नहीं मिले। इस कमी को दूर करने के लिए अब विवि प्रदेश के शिक्षकों का डाटा बैंक बनाएगा, जिसमें शिक्षक की संपूर्ण जानकारी के साथ मोबाइल नंबर व ई-मेल होगा ताकि उनको मूल्यांकन को बुलाया जा सकेगा। इसके साथ कुछ अन्य प्रदेश के शिक्षकों का भी डाटा जुटाया जाएगा।
तीन साल अनुभव वाले ही बनेंगे होम साइंस के परीक्षक
सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों में होम साइंस के जिन शिक्षकों को तीन साल का अनुभव होगा उनको परीक्षक बनाया जा सकेगा। परीक्षा समिति ने इसपर मुहर लगा दी है। इस बार होम साइंस के मूल्यांकन में भी परीक्षकों की कमी रही थी।
तीन परीक्षा केंद्र किए डिबार
सामूहिक नकल के मामले में परीक्षा समिति ने तीन केंद्रों को एक साल के लिए डिबार कर दिया है। इनको केंद्र बनाने से पहले इनका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। ये केंद्र कुबेर सिंह महाविद्यालय सिउरा शाहजहांपुर, ख्वाजा गरीब नवाज डिग्री कॉलेज बनकोटा बदायूं और बाबा फरीद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी फरीदपुर हैं। बाबा फरीद कॉलेज बरेली कॉलेज के सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. अलाउद्दीन का है, जो मूल्यांकन के दौरान भी काफी चर्चा में था। नकल के मामले में पकड़े गए स्वामी विवेकानंद कालेज पुवायां शाहजहांपुर और समा परवीन गर्ल्स डिग्री कॉलेज जोया अमरोहा की परीक्षा निरस्त की गई थी। भविष्य में पड़ताल के बाद ही इनको केंद्र बनाया जाएगा।
सात कॉलेजों के शिक्षकों को दस दिन करना होगा मूल्यांकन
केमिस्ट्री के मूल्यांकन में परीक्षकों की कमी रही थी, जिसको लेकर प्रस्ताव रखा गया कि बरेली कॉलेज बरेली, हिंदू कॉलेज मुरादाबाद, जीएफ कॉलेज शाहजहांपुर, एसएस कॉलेज शाहजहांपुर, एसएम कॉलेज चंदौसी, जेएसएच कॉलेज अमरोहा, वर्धमान कॉलेज बिजनौर के रेगुलर शिक्षकों को दस दिन आवश्यक रूप से मूल्यांकन कराने का प्रस्ताव रखा गया, जिसको नोट किया गया है। बीएससी में मूल्यांकन की सीमा 40 हजार से बढ़ाकर 60 हजार करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
बिना फीस दिए कर ली इंजीनियरिंग की पढ़ाई
विवि कैंपस में एक छात्र बिना फीस भरे ही इंजीनियरिंग में पढ़ाई करता रहा। अब हेड विवेक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।