शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम पुराने रोडवेज बस अड्डे को बाहर करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए मेयर ने कमिश्नर को पत्र लिखा है। सेटेलाइट बस अड्डे और वर्कशाप की जमीन पर ही इसे शिफ्ट करने की बात कही जा रही है। बीडीए की ओर से यह प्रस्ताव नगर निगम के पास आया है।
शहर में सौ साल से अधिक पुराना रोडवेज का बस अड्डा एक ऐसी जगह पर है जहां ट्रैफिक जाम अब आम समस्या हो गई है। बस अड्डे की वजह से अयूब खां चौराहे से लेकर कालीबाड़ी और बरेली कॉलेज की रोड भी प्रभावित होती है। यहां से प्रतिदिन 500 से अधिक बसें होकर गुजरती हैं। रास्ता खराब होने की वजह से जब एक साथ कई बसें गुजरती हैं तो लंबा जाम लग जाता है।
शहर की इस बड़ी समस्या पर बीडीए के चीफ इंजीनियर ने मेयर से बात की। उन्होंने बरेली की प्रमुख समस्याआें में इसे भी गिनाया। कहा गया कि पुराने बस अड्डे को शहर के बीच से हटाकर सेटेलाइट स्थित रोडवेज वर्कशाप में शिफ्ट करा दिया जाए। इसके अलावा मिनी बाईपास जेल की भूमि पर, जो इज्जतनगर साइड पर सड़क के बाई ओर है, एक नए बस अड्डे की स्थापना कराने का विचार है।
मेयर डॉ. आईएस तोमर ने कमिश्नर पीवी जगनमोहन को पत्र लिखकर कहा है कि यह व्यवहारिक है। बस अड्डा शिफ्ट होने से जाम से मुक्ति मिलेगी और दुर्घटना की संभावना भी कम होगी। मेयर ने इस मामले में एक बैठक बुलाने का निवेदन किया है। मेयर डॉ. तोमर का कहना है कि बस अड्डा बाहर होगा तो काफी हद तक जाम से निजात मिल सकेगी।