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कला के पेपर में 100 की  जगह 93 प्रश्न ही आए

Thu, 04 May 2017 01:09 AM IST
बरेली।  
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100 in art paper Place only got 93 questions - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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लखनऊ विश्वविद्यालय की ओर से बुधवार को आयोजित बीएड की प्रवेश परीक्षा में कला विषय में खामियां सामने आईं। बुकलेट में सौ प्रश्न होने चाहिए थे, पर 93 प्रश्न ही आए। छात्रों ने इसका विरोध किया। केंद्र व्यवस्थापक को अवगत कराया गया। कई जगह हंगामा भी हो गया। लखनऊ विश्वविद्यालय बात की गई। छात्रों को सात प्रश्न छोड़ने पड़े।
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दूसरी पाली में बीएड प्रवेश परीक्षा का सब्जेक्टिव पेपर था। बुकलेट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषा में होती है। छात्रों को उस वक्त हैरानी हुई जब देखा कि प्रश्न संख्या 71 से 78 के बीच वाले प्रश्न ही नहीं दिए गए हैं, जबकि अंग्रेजी भाषा में इन प्रश्नों का अनुवाद था। छात्रों ने इसकी शिकायत केंद्र व्यवस्थापक से की। उसके बाद मामला लखनऊ विवि भेजा गया। रुहेलखंड विश्वविद्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार गोपनीय वीके मौर्या ने बताया कि मिस प्रिंट के कारण ऐसा हुआ है। अंग्रेजी में सारे प्रश्नों की संख्या सही थी। लखनऊ विवि को अवगत कराया दिया गया है।
 
इस बार परीक्षा देने वालों का ग्राफ बढ़ा
स्नातक फाइनल वाले छात्रों को इस बार बीएड प्रवेश परीक्षा में बैठने का मौका मिला तो परीक्षा देने वालों का ग्राफ भी बढ़ गया। इस बार महज आठ फीसदी अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे, जबकि हर साल यह आंकड़ा 15 फीसदी से ज्यादा रहता था। परीक्षा में 28100 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। सुबह की पाली में 2221 और शाम की पाली में 2187 अभ्यर्थी अनुपस्थित हुए। वैसे हर साल जिले में करीब 16-17 हजार अभ्यर्थी बीएड प्रवेश परीक्षा में बैठते थे, इस बार आंकड़ा 28100 का रहा। केंद्रों पर काफी भीड़ रही।
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केंद्रों पर ही जमा करा ली गई बुकलेट
परीक्षा के बाद बुकलेट केंद्रों पर ही जमा करा ली गई। छात्र खाली हाथ बाहर निकले। इस पर छात्रों का कहना था कि सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में बुकलेट दी जाती है, तो इसमें क्यों नहीं दी गई। वहीं पीसी आजाद इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य के डॉ. सुरेश रस्तोगी का कहना था कि छात्रों को बुकलेट दी जानी चाहिए थी, ताकि बाद में वह सवालों के जवाब चेक कर सकें। 

केंद्र की तलाश में भटके अभ्यर्थी
परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए छात्रों को पसीना बहाना पड़ा। कई केंद्र शहर से काफी दूर बनाए गए थे। बाहर से आने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा। फ्यूचर कॉलेज, केसीएमटी महाराजा अग्रसेन, ज्योति कॉलेज, मास्कॉट जैसे केंद्र शहर से काफी दूर थे। छात्रों को यहां पहुंचने में दिक्कत हुई।

गलत बांट दी ओएमआर शीट
दो दिन पहले प्रशिक्षण दिए जाने के बावजूद केंद्रों पर ओएमआर शीट बांटने में गड़बड़ी हो गई। आरबीएमआई में परीक्षा देने गई एक छात्रा ने बताया कि उसको ओएमआर शीट दी गई पर कुछ देर बाद उससे शीट वापस ले ली गई, जब तक वह उसमें अपनी डिटेल भर चुकी थी। इस तरह के कई अभ्यर्थी शीट भर गए। करीब पंद्रह छात्रों की ओएमआर शीट बदली गई। ओवराइटिंग कराकर शीट बदली गई। अब उनको डर सता रहा है कि उनकी शीट चेक की जाएगी या नहीं।
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