बरेली। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट (कोर्ट संख्या दो) नरेंद्र प्रकाश ने किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। साथ ही, 22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। पुलिस ने विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान के आधार पर दोषी के नाम को मुकदमे में शामिल किया था।
घटना नवाबगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में छह अप्रैल 2015 की रात में हुई थी। किशोरी के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसकी गैरमौजूदगी में थाना क्षेत्र के गांव परेवा सहादत निवासी वीरेंद्र व सुमित उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले गए। किशोरी अपने साथ एक लाख रुपये नकद व 50 हजार रुपये के जेवर भी ले गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी को ढूंढ निकाला।
कोर्ट में पीड़िता ने बताया कि उसे वीरेंद्र और सुमित नहीं ले गए थे। घटना वाले दिन वह सहेली से मिलने के लिए घर से निकली थी। तभी पड़ोस के एक गांव में रिश्तेदारी में रहने वाला फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरिया का संजीव उर्फ गुड्डू मिला। वह उसे बाइक पर बैठाकर बरेली के गुलाबनगर में अपनी बुआ के घर ले आया। वहीं संजीव ने किशोरी के साथ कई बार दुष्कर्म किया।
पीड़िता के मुताबिक, अगले दिन संजीव का फुफेरा भाई मुकेश उसे लेकर जा रहा था। तभी पुलिस ने पकड़ लिया और मेडिकल कराया। विवेचक ने 12 जनवरी 2016 को चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष की ओर से पीड़िता समेत आठ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने संजीव उर्फ गुड्डू को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। संवाद
अफीम तस्करी के आरोपी की जमानत याचिका खारिज
बरेली। अफीम की तस्करी करने के मामले में गिरफ्तार आरोपी धर्मवीर की जमानत याचिका विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट पशुपति नाथ मिश्रा ने खारिज कर दी है। चार दिसंबर को भमोरा थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 850 ग्राम अफीम बरामद हुई। धर्मवीर को पुलिस ने जेल भेज दिया था। शनिवार को आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए ठोस कारण न मिलने पर न्यायालय ने याचिका को खारिज कर दिया। संवाद