बरेली। त्रिशूल एयरबेस के आसपास 50 मीटर के इलाके में अवैध कब्जे वाले स्थानों पर लाल निशान लगाने के अभियान पर सवाल खड़ा हो गया है। पुलिस, प्रशासनिक, तहसील, बीडीए और नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों के रुख से नहीं लग रहा कि वह 10 फरवरी तक सर्वे के इस काम को पूरा कर पाएंगे। त्रिशूल से जुड़े दर्जन भर से अधिक गांव हैं। उनमें से तीन दिन के अंदर सिर्फ एक गांव चावड़ का ही सर्वे पूरा हो पाया है। शुक्रवार से ज्यादा आबादी और क्षेत्रफल के कंजादासपुर का सर्वे कराने का फैसला लिया गया है, जिसे पूरा करने में करीब पांच दिन लगेंगे। सर्वे की जो रफ्तार है उससे लगता है कि 10 और गांवों के सर्वे में कम से कम 20 दिन लगेंगे।
जिला प्रशासन की टीम ने चावड़ गांव में 26 जनवरी से सर्वे शुरू किया था। इस गांव में गुरुवार 28 जनवरी तक ही सर्वे पूरा हो पाया है। यहां पर सर्वे के नाम पर गांव के हरेक घर के मालिक और उसमें रहने वाले परिजनों का ब्योरा अंकित किया है। वहां के अवैध निर्माण को ध्वस्त करना तो अलग लाल निशान भी नहीं लगाए हैं। जबकि कमिश्नर के यहां हुई बैठक में तय हुआ था कि त्रिशूल के आसपास के 50 मीटर के इलाके के अवैध निर्माण ध्वस्त करने के लिए सर्वे और चिह्नांकन दोनों ही काम होंगे।
दूसरी ओर वायु सेना मुख्यालय से बार बार निर्देश आ रहे हैं कि त्रिशूल एयरबेस के चारो ओर पेट्रोलिंग के लिए सड़क बनाई जाए। सड़क न होने के कारण रात्रि एवं दिन के समय पेट्रोलिंग नहीं हो पा रही है। इस बारे में एयर कोमोडोर की ओर से मुख्य सचिव को पत्र लिखे जा चुके हैं।
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सुरक्षा को क्या इंतजाम हुए, ब्योरा मांगा
बरेली। प्रमुख सचिव (गृह) देवाशीष पांड्या ने एक बार फिर से त्रिशूल एयरबेस की सुरक्षा के बारे में डीएम एसएसपी से ब्योरा मांगा है। त्रिशूल के आसपास सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं। इस बारे में वायुसेना के अधिकारियों के साथ विस्तार से वार्ता करके सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर लिए जाए। आसपास रहने वाले परिवारों का डाटा भी ऑनलाइन कर लिया जाए, जिसे जरूरत पड़ने पर सेना, खुफिया एजेंसी को ट्रांसफर किया जा सके।
सतर्कता विभाग की रिपोर्ट तलब
बरेली। प्रभारी डीएम मनोज कुमार ने त्रिशूल की सुरक्षा में लापरवाही बरतने को लेकर विजिलेंस विभाग की 10 नवंबर 2004 को जारी की गई रिपोर्ट पर सब रजिस्ट्रार आफिस से ब्योरा तलब किया है। उन्होंने जानना चाहा है कि विजिलेंस की रिपोर्ट उनके कार्यालय के संज्ञान में है या नहीं। इस प्रकरण की पत्रावली भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में गुरुवार को रिपोर्ट मांगने के लिए पत्र जारी कर दिया है। रिपोर्ट मिलने पर ही इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस रिपोर्ट में त्रिशूल के प्रतिबंधित क्षेत्र में कालोनी बसाने और स्टांप राशि के 21 लाख 27 हजार रुपये जमा न करने का उल्लेख किया था।