बरेली। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत जनपद के परिषदीय उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 10 बस्ता रहित दिवस आयोजित होंगे। शैक्षिक सत्र 2026-27 के दौरान अगस्त से नवंबर तक निर्धारित शनिवारों को छात्र बिना बस्ते के स्कूल आएंगे और व्यावहारिक गतिविधियां सीखेंगे। इस योजना के लिए प्रति स्कूल 6,500 रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विनीता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य बच्चों में व्यावसायिक कौशल, स्थानीय हस्तशिल्प और व्यावहारिक ज्ञान बढ़ाना है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने ''''आनंदम मॉड्यूल'''' तैयार किया है। इसके तहत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, स्थानीय उद्योग, कला और इतिहास जैसे विषयों पर गतिविधियां होंगी। शिक्षकों, एसआरजी, एआरपी और डाइट मेंटर्स को प्रभावी अनुश्रवण और तकनीकी सहयोग के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विद्यार्थी आनंदमय वातावरण में सीख सकें। यह योजना अगस्त 2026 से नवंबर 2026 तक चलेगी।
अगस्त में मिट्टी के खिलौने, शिल्पकला और औषधीय पौधों के उद्यान विकास जैसी गतिविधियां होंगी। सितंबर में जल संरक्षण, स्वास्थ्य, स्वच्छता, गुड टच-बैड टच और पतंग निर्माण जैसे विषय शामिल हैं। अक्तूबर में मिनी बैंक, वित्तीय साक्षरता, स्थानीय भ्रमण, फोटोग्राफी और ऐतिहासिक स्मारकों की यात्रा कराई जाएगी। इसी माह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और कोडिंग का परिचय भी दिया जाएगा। नवंबर में बाल मेले का आयोजन होगा। संवाद