नवादेय और समृद्धि योजना के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों को मिलेगा लाभ
बरेली। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान यानी आईवीआरआई में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से पोषित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) रफ्तार की शुरूआत पिछले साल हुई थी। पशु विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चल रही इस योजना के तहत नवोदय-2019 एवं समृद्धि-2019 कार्यक्रमों के अंतर्गत चयनित प्रतिभागियों के लिए 1.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि वर्ष 2019 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत जिन प्रतिभागियों ने दो माह का अनिवार्य आवासीय प्रशिक्षण लिया था, उन्हें 14 स्टार्टअप कोके लिए 1.63 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें नवोदय के सफल प्रत्येक स्टार्टअप के लिए पांच लाख रुपये और समृद्धि के सफल स्टार्टअप के लिए 10 से 17 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। नवोदय कार्यक्रम के अंतर्गत स्वीकृत राशि की 60 प्रतिशत और समृद्धि कार्यक्रम में स्वीकृत राशि की 40 प्रतिशत की पहली किस्त 68.20 लाख रुपये जल्द ही जारी कर दी जाएगी।
इन दोनों कार्यक्रमों के लिए 389 प्रतिभागी हुए थे शामिल
डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि स्टार्टअप के लिए फंडिंग पाना आसान नहीं था। आरकेवीवाई-रफ़्तार के तहत नवोदय एवं समृद्धि कार्यक्रम में 389 प्रतिभागियों ने आवेदन किया था, लेकिन 117 प्रतिभागियों को बुलाया गया था। इनमें से 26 का चयन दो माह के अनिवार्य आवासीय प्रशिक्षण के लिए किया गया था। सभी प्रतिभागियों ने आईवीआरआई की इंस्टीट्यूट समिति के समक्ष प्रस्तुति दी। पहले चरण में 14 स्टार्टअप को अनुदान राशि प्रदान करने के लिए चुन लिया गया है।