बाराबंकी। ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्रों में एक्सरे जांच सुविधा को खुद इलाज की दरकार है। कहीं एक्सरे फिल्म कई दिनों से खत्म है तो कहीं लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गईं डिजिटल एक्सरे मशीनें कमरों में बंद पड़ी हैं।
यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर एक्सरे कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकारी सिस्टम की इस खामोशी के बीच निजी पैथोलॉजी सेंटरों में जांच कराने वाले मरीजों की रौनक बढ़ती जा रही है। गांव के गरीब मरीज को एक्सरे जांच के नाम पर मोटी फीस चुकानी पड़ रही है।
बैटरी खत्म तो कहीं बिजली बनी बाधा : त्रिवेदीगंज सीएचसी में बिजली आने पर ही एक्सरे हो पाते हैं। बुधवार को बिजली न होने से मशीन बंद रही और मरीजों को लौटना पड़ा। कोठी सीएचसी में सुबह तो एक्सरे जांच हुई, लेकिन दोपहर एक बजे के बाद इन्वर्टर की बैटरी डिस्चार्ज हो गई। हैदरगढ़ सीएचसी में एक्सरे मशीन का हाल भी खराब है।
मजबूरी में मरीजों को तीन से चार सौ रुपये खर्च कर निजी केंद्रों से महंगी दर पर जांच कराना पड़ ही है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. अवधेश ने बताया कि सभी सीएचसी पर एक्सरे की मुफ्त जांच की सुविधा मुहैया है। मरीजों को इसका फायदा क्यों नहीं मिल रहा इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।