बंकी ब्लाॅक के देवा रोड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में राशन का निरीक्षण करते जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं को दिए जाने वाले चावल में कीड़े मिलने पर स्कूली बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की पोल खुल गई है। जिलाधिकारी के निरीक्षण में शनिवार को इसका खुलासा हुआ है। जिस पर जिलाधिकारी ने विद्यालयों में मौजूद शिक्षिकाओं फटकार लगाते हुए चावल को किचन से हटाने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी जब विद्यालय के किचन में पहुंचे तो जांच के दौरान पाया कि जो चावल बच्चों के भोजन में देने के लिए रखा है उसमें कीड़े व जाले लगे हुए हैं।
जिलाधिकारी अखिलेश तिवारी ने कस्तूरबा आवासीय विद्यालय देवां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक कक्षाओं की छात्राओं से पढ़ाई, रहने एवं खाने-पीने आदि की सुविधाओं के विषय में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि खाना बनाने वाले रसोइयों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा यह देखा जाए की वह भोजन बनाते समय स्वच्छता का विशेष ध्यान रखता या नहीं।
डीएम ने विद्यालय की दीवार पर सोलर लाइट लगवाने एवं बाउंड्रीवाल पर तार लगवाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने छात्राओं से विद्यालय में मिलने वाले भोजन की जानकारी ली। जिस पर छात्राओं ने कोई जवाब नहीं दिया।
उन्होंने कक्षा 8 की छात्रा शिवानी गौतम से कक्षा में पढ़ाए जा रहे विषयों की जानकारी ली। अध्यनरत छात्राओं से विज्ञान एवं भूगोल संबंधी प्रश्न भी किए। एक अन्य छात्रा आफरीन का स्वास्थ्य कमजोर देख कर जिलाधिकारी ने उससे बात की एवं उसे अपने स्वास्थ्य को ठीक करने के लिए भी कहा।
डीएम ने विद्यालय की शिक्षिकाओं को निर्देश दिए कि जिन बच्चों का स्वास्थ्य कमजोर है। उनकी एक सूची बनाए व उन पर विशेष ध्यान दें। उन्होंने विद्यालय की वार्डेन को निर्देश दिया है कि छात्राओं को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।