विश्व बैंक की ज्वॉइन रिव्यू मिशन की तीन सदस्यीय टीम बुधवार को जिले की प्राथमिक शिक्षा के सभी पहलुओं का निरीक्षण किया। गुणवत्ता परक शिक्षा में सुधार के लिए पहुंची टीम ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक, कस्तूरबा विद्यालय, विकलांग बच्चों के कैंप में पहुंचकर शिक्षा के हालात पर बच्चों और शिक्षकों से बात की। सबसे पहले बच्चों को दी जाने वाली यूनीफॉर्म की क्वालिटी परखी।
टीम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इसमें सुधार की जरूरत है। डॉयट् गनेशपुर में बीटीसी के स्टूडेंट को दी जा रही ट्रेनिंग का प्रेजेंटेशन लिया। केजीबीवी में छात्राओं के रहन सहन की समीक्षा की। टीम ने सर्व शिक्षा अभियान पर खर्च हो रहे बजट का कितना प्रभाव बच्चों की शिक्षा पर पड़ रहा है इसकी पड़ताल की। अंत में शाम को बीएसए कार्यालय में योजनाओं से जुड़े अभिलेखों की पड़ताल की।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत दी जाने वाली सुविधाओं की समीक्षा करने विश्व बैंक की ज्वॉइन रिव्यू मिशन की तीन सदस्यीय टीम ने बुधवार को सबसे पहले हरख ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय गुलरिया में जायजा लिया। यहां पर छात्र राहुल से इंडिया की स्पेलिंग पूछी।
बच्चे से सटीक जवाब पाकर टीम प्रभावित हुई। समीक्षा के लिए आए सदस्यों ने यहां पर ड्रेस, एमडीएम का हाल देख संतुष्ट रहे। उसके बाद टीम केजीबीवी हरख पहुंची। यहां पर टीम ने कक्षा सात की छात्रा सविता तिवारी से अमेरिका के राष्ट्रपति का नाम पूंछा। छात्रा द्वारा सही जवाब पाकर टीम पूर्व माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय पहुंची। यहां पर बच्चों से पढ़ाई, साफ सफाई का जायजा लिया।
12.46 बजे बंकी ब्लॉक के बड़ेल स्कूल पहुंची। यहां पर मीना मंच कक्ष जाकर छात्राओं से मीना के बारे में जानकारी प्राप्त की। छात्राओं से शादी की उम्र पूछा तो मीना से जुड़ी कहानियों पर चर्चा की। पावर एंजिल तहसीम बानों ने स्वच्छता, बालिका अधिकार, बैड टच समेत कई मुद्दों पर बराबर जवाब दिया। ड्रेस गुणवत्तापूर्ण न होने पर इसके लिए स्टेट लेवल पर इसकी लागत बढ़वाने को कहा।
प्राधानाचार्य सहजराम से पिछले वर्ष वितरण की गई ड्रेस का लेखा जोखा मांगा तो वह नहीं दिखा सके। टीम में विश्व बैंक की सदस्य हिना बेन दोशी, स्वाती ज्ञामवेल व दिल्ली के न्यूपा प्रोफेसर एआर सिंह समेत सर्व शिक्षा अभियान से माधव तिवारी, डायट् प्राचार्य पवन सचान, एडी बेसिक फैजाबाद राजेश वर्मा, बीएसए पीएन सिंह, राजेश श्रीवास, आरएन सिंह, सरिता सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
डायट् व बीएसए कार्यालय में चेक की फाइलें
टीम डॉयट् सेंटर गनेशपुर में बॉयोमैट्रिक उपस्थिति के साथ प्रशिक्षण का हाल देखा। टीम ने ट्रेनिंग शिक्षकों से बेहतर शिक्षक कैसे बनते हैं इसकी समीक्षा की। टीम ने प्रशिक्षण कर रहे प्रशिक्षुओं से प्रेजेंटेशन कराया। यहां पर योगा और हेल्थ की ट्रेनिंग दी जा रही थी। टीम ने कई योजनाओं का रिकार्ड पेन ड्राइब में लेकर चले गए। लौटते समय टीम बीएसए कार्यालय जाकर योजनाओं से जुड़ी कई फाइलें जांची। पूरा दिन निरीक्षण करने के बाद देर शाम टीम वापस लौट गई।