बाराबंकी। जिले के विकास को रफ्तार देने के उद्देश्य से 2254.73 करोड़ रुपये की 649 परियोजनाएं शुरू की गई थीं। इन परियोजनाओं केे लिए शासन ने 350.89 करोड़ रुपये का बजट भी उपलब्ध कराया, लेकिन अब तक सिर्फ 11 परियोजनाओं को पूरा किया जा सका है। बजट की कमी से आईटीआई, पॉलीटेक्निक व जीआईसी जैसे महत्वपूर्ण कार्य बंद हो गए हैं। सबसे ज्यादा 579 परियोजनाएं जलनिगम ग्रामीण के पास हैं, लकिन इनमें से किसी का भी काम पूरा नहीं हुआ है। हाल ही में सीडीओ एकता सिंह ने 50 लाख से ऊपर की परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान सुस्त रफ्तार पर चेतावनी भी जारी की, इसके बावजूद हालात जस के तस हैं।
अधूरा पड़ा काम
आईटीआई बनीकोडर, सिरौलीगौसपुर का निर्माण वर्ष 2013 में शुरू हुआ था। पांच-पांच करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं में करीब तीन-तीन करोड़ रुपये खर्च भी हो चुके हैं, लेकिन धनाभाव में करीब सात वर्षों से काम अधूरा पड़ा है। इसके लिए कई बाद शासन को पत्राचार किया जा चुुका है।
धनाभाव में रुका काम
जैदपुर में राजकीय पॉलीटेक्निक बालिका एवं बालक छात्रावास का निर्माण धनाभाव में रुका है, जबकि पुनरीक्षित आगणन रिपोर्ट 2017 में भेजी गई थी। पूरेडलई में जीआईसी निर्माण की स्वीकृति 2016 में मिली थी, 46 प्रतिशत काम पूरा हुआ है, शेष कार्य कराने के लिए टेंडर की प्रक्रिया चल रही है।
50 लाख से ऊपर की परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। बजट के अभाव में जहां कार्य बंद हुए हैं, उसके लिए शासन को पत्राचार किया गया है।
- एकता सिंह, सीडीओ