फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जहां प्रेम वहां पर्व: जेल में दिखा फिल्मी सीन, महिला बंदियों ने रखा करवा चौथ, चांद देख पति के हाथों तोड़ा व्रत

Fri, 10 Oct 2025 08:41 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, बाराबंकी

सार

बाराबंकी जिला जेल में उस समय फिल्मी सीन नजर आया, जब दिनभर करवा चौथ का  उपवास रखकर महिला बंदियों ने रात को चांद देखकर पति के हाथों व्रत तोड़ा। 
विज्ञापन
बाराबंकी जिला जेल में महिला बंदियों रखा करवा चौथ व्रत। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

करवा चौथ के मौके पर शुक्रवार की रात को चांद का दीदार करने महिलाएं छतों पर दिखीं। लेकिन, जिला जेल में नजारा इसके उलट रहा। जेल की दीवारों के भीतर भी चांद देखने का वही इंतजार, वही सजधज और वही प्रेम नजर आया। फर्क बस इतना था कि यहां पर्व सलाखों और पुलिस के साये में मनाया गया।

विज्ञापन


बाराबंकी जिला जेल में इस बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली 24 महिला बंदियों ने दिनभर निर्जला रहकर अपने पतियों की लंबी उम्र की कामना की। इनमें से 14 महिलाएं ऐसी रहीं, जिनके पति भी उसी जेल में बंद हैं। जेल प्रशासन ने विशेष व्यवस्था करके इन महिलाओं की अपने पतियों से मुलाकात कराई। उन्होंने परंपरा के अनुसार चांद देखकर पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत का पारायण किया।

जेलर राजेंद्र सिंह ने बताया कि करवाचौथ भावनाओं का प्रतीक है। अपराध की सजा तो कानून देता है, लेकिन रिश्तों में भावनाएं अब भी जिंदा रहती हैं। हमने कोशिश की है कि यह पर्व उन्हें अपनेपन का एहसास कराए। दिनभर जेल के महिला बैरक में उत्साह का माहौल रहा। बंदियों ने मेंहदी लगाई। सज-धज कर पारंपरिक गीत गाए। शाम को चांद निकलने का इंतजार किया। प्रशासन ने उनके लिए पूजा की थाली और आवश्यक सामग्री की भी व्यवस्था कराई गई।
विज्ञापन


जेल परिसर में यह दृश्य किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। एक ओर सख्त सुरक्षा, दूसरी ओर मंगलगीतों की गूंज और बीच में झिलमिल दीपों से जगमगाते करवे। बंदियों ने कहा कि जहां प्यार है, वहां त्योहार की रोशनी भी पहुंच जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें