लहसी में रोते-बिलखते मृतका के बच्चे व परिजन। -संवाद
फतेहपुर (बाराबंकी)। कोतवाली क्षेत्र फतेहपुर के लहसी गांव में खेत में गला रेतकर महिला की हत्या कर दी गई। उनके पति ने चार साल पहले आत्महत्या कर ली थी। पुलिस व फॉरेंसिक टीम ने घटना स्थल पर छानबीन की। महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल के आधार पर जांच की जा रही है।
फतेहपुर कोतवाली क्षेत्र के लहसी गांव निवासी मीना कुमारी शनिवार दोपहर लगभग दो बजे मोबाइल घर पर रख बच्चों से शौच के लिए कहकर घर से निकली थीं। करीब दो घंटे तक वापस न आने पर बच्चों ने चाचा राजू को खबर दी। परिजन उन्हें खोजने निकले।
इस बीच मकान से करीब 400 मीटर दूर गांव के ही राम मनोहर के आलू के खेत में मीना का खून से लथपथ शव पड़ा मिला। उनका गला तेज धारदार हथियार से रेता गया था। पास में ही प्लास्टिक का डिब्बा पड़ा था। बच्चों के रोने-चीखने के बाद ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
सीओ जगत कनौजिया व कोतवाल डीके सिंह ने परिजनों के साथ ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली। खेतों में आसपास काम कर रहे लोगों से भी पूछताछ की। फॉरेंसिक टीम ने फिंगर प्रिंट के नमूने जुटाए। सीओ ने बताया कि बच्चों व परिजनों ने अभी तक किसी पर आरोप नहीं लगाया है। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है।
तीन बच्चे हुए बेसहारा
करीब चार वर्ष पूर्व मीना कुमारी के पति परशुराम का शव घर के अंदर संदिग्ध हालात में लटका मिला था। पति की मौत के बाद मीना खेती-बाड़ी कर अपने तीन बच्चों आशीष (16), शिवानी (10), व नैतिक (9) का पालन-पोषण कर रही थीं। घर की माली हालत ठीक न होने के कारण आशीष इस समय पंजाब में किसी फैक्टरी में काम करता है। मां की मौत से बच्चों पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है।