त्रिवेदीगंज (बाराबंकी)। वृद्धा पेंशन के लिए घर से निकली महिला की हत्या कर शव को प्लास्टिक की बोरी में भरकर लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे किनारे फेंक दिया गया। पुलिस ने शुक्रवार सुबह बोरी के अंदर मिले आधार कार्ड से मृतका की पहचान की। उनके सिर पर गहरी चोट मिली है। जेवर व मोबाइल गायब हैं। पुलिस सगे और सौतेले बेटों से पूछताछ कर रही है।
लोनीकटरा क्षेत्र से होकर निकले लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे किनारे शुक्रवार सुबह हुसैनाबाद चौराहे के पास झाड़ियों में सफेद प्लास्टिक की बोरी में शव पड़ा देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। बोरी से बाहर पैर निकले हुए थे। लोनीकटरा पुलिस व सीओ हैदरगढ़ आलोक पाठक फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच में मृतका के सिर पर गहरी चोट के निशान मिले। बोरी में आधार कार्ड, पोस्ट ऑफिस पासबुक व गैस कनेक्शन की कॉपी मिली, जिसके आधार पर पहचान तहवापुर गांव निवासी सावित्री (58) के रूप में हुई। पुलिस तत्काल घर पहुंची। पता चला कि सावित्री के पति किशोरीलाल की मौत आठ वर्ष पहले हो चुकी है।
किशोरीलाल की पहली शादी सावित्री की बहन सविता से हुई थी। सविता की मौत के बाद किशोरीलाल ने सावित्री से शादी कर ली। पहली पत्नी से दो पुत्र रामनाथ व छविनाथ हैं, जो दूसरे घर में रहते हैं। सावित्री सगे बेटे अयोध्या के साथ रहती थीं।
बहू सोनम ने बताया कि बृहस्पतिवार दोपहर बाद सावित्री पेंशन निकालने के लिए आधार लेकर गई थीं। उन्हें घर में जीना बनवाने के लिए निर्माण सामग्री की व्यवस्था भी करनी थी। लेकिन, देर रात तक नहीं लौटीं तो सोचा कि भिलवल में अपनी पुत्री के यहां रुक गई होंगी।
बहू ने बताया कि सावित्री कान में सोने की टप्स, नाक में नथ, पायल पहनी थीं। उनके पास मोबाइल भी था। हालांकि ये सभी चीजें बोरी से नहीं मिलीं। थानाध्यक्ष दौमित्र सेन रावत ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। उसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाएंगे।
हर बिंदु पर हो रही जांच
सावित्री की हत्या में हर बिंदु पर जांच की जा रही है। क्राइम ब्रांच को भी इसमें लगाया गया है। परिजनों से जानकारी जुटाई जा रही है। गांव या गांव के बाहर सावित्री के साथ किसी की दुश्मनी अभी तक पता नहीं चली है। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
-दिनेश कुमार सिंह, एसपी