बाराबंकी। तेज बुखार समेत अन्य बीमारियों से ग्रसित एक महिला की मंगलवार शाम इलाज के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगा जमकर हंगामा किया। पुलिस ने परिजनों को समझा कर शांत कराया
जैदपुर के कुंदनापुर निवासी बृजेश ने पत्नी आशा की हालत गंभीर होने पर शहर स्थित आस्था हाॅस्पिटल में सोमवार को भर्ती कराया था। आरोप है कि इलाज और जांच के नाम पर पहले 35 हजार रुपये जमा कराए गए। इसके साथ ही 10 यूनिट ब्लड भी लिया गया। मंगलवार को अस्पताल की ओर से कहा गया कि हालत में सुधार नहीं है, मरीज को आप ले जा सकते हैं। ब्रजेश ने बताया कि जब हम लोग मरीज को ले जाने लगे तो कहा गया कि 50 हजार रुपये जमा कर दो, तब मरीज को ले जाने दिया जाएगा। हम लोग पैसा का इंतजाम करके शाम सात बजे आए तो बताया गया कि मरीज की मौत हो गई। यह सुनते ही परिजन भड़क गए और अस्पताल में तोड़फोड़ के साथ ही हंगामा शुरू कर दिया। कोतवाल संजय मौर्य ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
आस्था हाॅस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. वीरेंद्र पटेल ने बताया कि महिला को जिस समय भर्ती कराया गया, उसे तेज बुखार था और प्लेटलेटस भी कम थे। हालत में सुधार न होने पर रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन ले जाने को तैयार नहीं थे। शाम को मौत होने पर हंगामा करने लगे। इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई है और न ही पैसों की मांग की गई है।
सीएमओ डॉ. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि निजी अस्पताल में महिला की मौत की सूचना मिली है। एसीएमओ के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है जो बुधवार को रिपोर्ट देगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।