बाराबंकी। सुरजवापुर मजरे लालपुर राजपुर गांव में संदिग्ध परिस्थितियों में आग से झुलसी महिला की मंगलवार रात लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई। वह घर से जलते हुए बाहर निकली थी। मृतका अपने पीछे तीन छोटे बच्चों को छोड़ गई है। घटना को लेकर गांव में घरेलू कलह की चर्चाएं हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि शिकायत नहीं मिली है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव निवासी आशीष की शादी वर्ष 2019 में शिवानी (30) के साथ हुई थी। दंपती के तीन बच्चे हैं, जिनमें छह वर्षीय रूही, तीन वर्षीय जूही और दो वर्षीय पुत्र ओजस शामिल हैं। मंगलवार शाम करीब पांच बजे परिवार के अन्य सदस्य खेत में काम करने गए थे। इसी दौरान शिवानी आग की लपटों में घिरी हुई घर से बाहर निकली और बचाने की गुहार लगाने लगी।
उसे जलता देख ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसी शिवानी को सीएचसी रामसनेहीघाट पहुंचाया। वहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालत गंभीर होने पर लखनऊ के केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर भेज दिया गया। देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतका के पति आशीष ने बताया कि उनकी मां खेत में मेंथा की फसल देखने गई थी। पत्नी ने खेत जाने से मना किया था, लेकिन वह चले गए। इसी बात से नाराज होकर शिवानी ने आग लगा ली होगी, ऐसी आशंका है। रामसनेहीघाट कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर द्विवेदी ने बताया कि उन्हें इस घटना के संबंध में कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है और न ही कोई शिकायत मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।