बाराबंकी। सफदरगंज थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में बृहस्पतिवाार रात को अनूप कुमार की पत्नी गीता देवी (50) की बंद कमरे में जलकर मौत हो गई। घटना के समय घर पर कोई नहीं था। शुक्रवार सुबह जानकारी होने पर पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से कमरे की दीवार तोड़कर अंदर प्रवेश किया और शव को बाहर निकलवाया।
मिर्जापुर गांव निवासी अनूप कुमार चिनहट स्थित एक गैस एजेंसी में काम करते हैं। उनकी पत्नी गीता देवी घर पर अकेली रहती थीं। बेटी प्रीति (25) और पुत्र शिवम (22) शहर के लखपेड़ाबाग मोहल्ले में रहकर नौकरी करते हैं। अनूप के अनुसार शुक्रवार सुबह पड़ोसियों ने फोन कर घर से धुआं निकलने और कुछ जलने की तेज गंध आने की जानकारी दी।
सूचना मिलते ही वह घर पहुंचे। मुख्य दरवाजा खोलकर अंदर जाने पर देखा कि जिस कमरे में उनकी पत्नी थीं, उसका दरवाजा आग की वजह से जाम हो चुका था और खुल नहीं पा रहा था। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से कमरे की दीवार तोड़ी गई। अंदर पहुंचने पर जमीन पर गीता का पूरी तरह जला शव पड़ा मिला।
पास में रखा तख्त भी आधा जला हुआ था, जबकि कमरे में मौजूद अधिकांश सामान राख हो चुका था। अनूप ने बताया कि उनकी पत्नी कमरे के एक कोने में अक्सर दिया जलाकर रखती थीं। आशंका जताई जा रही है कि उसी से आग लगी होगी।
थानाध्यक्ष अमर कुमार चौरसिया ने बताया कि महिला मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थीं। शव पूरी तरह जल चुका था और काला पड़ गया था। मौके की वीडियोग्राफी कराते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
पुत्र गहरे सदमें में
पोस्टमार्टम हाउस में मिले मृतका के पुत्र शिवम गहरे सदमे में दिखे। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने एक दिन पहले ही पिता से बातचीत की थी और उनके पास मोबाइल टैबलेट भी था। शिवम का कहना था कि उनकी मां को मानसिक बीमारी नहीं थी, हालांकि उनका ब्लड प्रेशर अक्सर अनियंत्रित रहता था।